लगातार तीसरे साल नहीं बदली ब्याज दर
ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने 28 फरवरी 2026 की बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25% ब्याज दर की सिफारिश की थी। इससे पहले वित्त वर्ष 2022-23 में ब्याज दर 8.15 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत की गई थी। इसके बाद लगातार तीसरे वर्ष भी यही दर बरकरार रखी गई है।
अगले कुछ दिनों में शुरू हो सकती है प्रक्रिया
पिछले वर्षों की तरह इस बार भी सरकार की मंजूरी मिलने के बाद खातों को अपडेट करने का काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अगले कुछ दिनों में ब्याज क्रेडिट करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जबकि करीब 15 दिनों के भीतर देशभर के लगभग 7 करोड़ सक्रिय पीएफ खातों में ब्याज की राशि जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
पासबुक में ऐसे दिखाई देगा ब्याज
जब आपके खाते में ब्याज जमा हो जाएगा, तो उसकी जानकारी ईपीएफओ की पासबुक में स्वतः दिखाई देने लगेगी। यदि किसी सदस्य के खाते में तुरंत ब्याज नजर नहीं आता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। करोड़ों खातों को अपडेट करने का काम एक साथ नहीं बल्कि चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाता है।
कर्मचारियों के लिए राहत की खबर
8.25 प्रतिशत की ब्याज दर बरकरार रहने से निजी क्षेत्र में कार्यरत लाखों कर्मचारियों को अपनी रिटायरमेंट बचत पर बेहतर रिटर्न मिलता रहेगा। जिन सदस्यों के खाते में अभी तक ब्याज नहीं दिखा है, उन्हें समय-समय पर अपनी पीएफ पासबुक जांचते रहने की सलाह दी जा रही है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ब्याज की राशि स्वतः उनके खाते में जुड़ जाएगी।

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