सचिवालयों में सक्रिय किए जाएंगे डेस्कटॉप और वेबकैम
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत सचिवालय में पहले से उपलब्ध डेस्कटॉप कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन और वेबकैम को पूरी तरह कार्यशील बनाया जाएगा। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी उपकरणों की जांच कर उन्हें उपयोग के लिए तैयार किया जाए, ताकि कर्मचारियों की उपस्थिति डिजिटल माध्यम से दर्ज की जा सके।
चेहरे की पहचान से लगेगी उपस्थिति
नई प्रणाली लागू होने के बाद कर्मचारी सचिवालय में स्थापित वेबकैम के सामने अपना चेहरा स्कैन करेंगे। सफल पहचान के बाद उनकी उपस्थिति स्वतः दर्ज हो जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपस्थिति केवल संबंधित कर्मचारी ही दर्ज कर सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जी हाजिरी की संभावना समाप्त हो।
अधिकारी करेंगे ऑनलाइन निगरानी
फेसियल रिकग्निशन प्रणाली से दर्ज होने वाली उपस्थिति की निगरानी जिला पंचायत राज अधिकारी और संबंधित सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ऑनलाइन डैशबोर्ड के माध्यम से करेंगे। इससे प्रत्येक दिन कर्मचारियों की उपस्थिति की स्थिति पर नजर रखना आसान होगा। यदि कोई कर्मचारी बिना अनुमति अनुपस्थित रहता है या निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपस्थिति दर्ज नहीं करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
मोबाइल आधारित व्यवस्था भी रहेगी जारी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल मोबाइल आधारित उपस्थिति प्रणाली को समाप्त नहीं किया जाएगा। जिन पंचायत सहायकों के पास मोबाइल उपलब्ध नहीं है या तकनीकी कारणों से मोबाइल के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना संभव नहीं है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था जारी रहेगी। इससे किसी कर्मचारी को तकनीकी कठिनाई के कारण परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पहले होगा परीक्षण, फिर पूरे प्रदेश में लागू होगी व्यवस्था
नई तकनीक को लागू करने से पहले चयनित ग्राम पंचायत सचिवालयों में इसका परीक्षण 10 जुलाई तक किया जाएगा। परीक्षण अवधि के दौरान सिस्टम की कार्यक्षमता, तकनीकी समस्याओं और उपयोग की सरलता का आकलन किया जाएगा। यदि परीक्षण सफल रहता है, तो इसके बाद पूरे प्रदेश के ग्राम पंचायत सचिवालयों में फेसियल रिकग्निशन आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू कर दी जाएगी।

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