राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों और अंचल कार्यालयों को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि RTPS काउंटर पर जमाबंदी सुधार की पूरी प्रक्रिया निशुल्क होगी और किसी भी आवेदक को निजी साइबर कैफे भेजना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
RTPS काउंटर पर बिना शुल्क होगा आवेदन
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के नए निर्देश के बाद RTPS केंद्रों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। यदि कोई व्यक्ति जमाबंदी में सुधार के लिए आवेदन लेकर पहुंचता है तो संबंधित कर्मी वहीं उसका ऑनलाइन आवेदन दर्ज करेंगे और जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करेंगे। इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सरकार का मानना है कि सरकारी सेवाएं आम लोगों को बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के उपलब्ध होनी चाहिए।
इन मामलों में कराया जा सकेगा सुधार
जमाबंदी से जुड़े कई प्रकार के सुधार अब पहले की तरह आवेदन के माध्यम से कराए जा सकेंगे। यदि किसी व्यक्ति के नाम में त्रुटि है, खाता या खेसरा संख्या गलत दर्ज है, भूमि विवरण में गलती है या कोई पुरानी जमाबंदी ऑनलाइन रिकॉर्ड में शामिल नहीं हुई है, तो उसके लिए आवेदन किया जा सकता है। आवश्यकतानुसार अन्य राजस्व अभिलेखों में भी संशोधन कराया जा सकेगा।
साइबर कैफे भेजना पड़ेगा महंगा
विभाग ने साफ कर दिया है कि RTPS केंद्र पर मौजूद कर्मचारी यदि किसी आवेदक को निजी साइबर कैफे भेजते हैं या आवेदन लेने से मना करते हैं तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। सरकार चाहती है कि नागरिकों को एक ही स्थान पर पूरी सुविधा मिले और उन्हें अनावश्यक खर्च या परेशानियों का सामना न करना पड़े।
ग्रामीण इलाकों के लोगों को राहत
अब तक गांवों से आने वाले कई लोगों को आवेदन भरने के लिए साइबर कैफे का सहारा लेना पड़ता था, जहां उन्हें अतिरिक्त पैसे देने पड़ते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह खर्च पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इससे ग्रामीण परिवारों का समय भी बचेगा और सरकारी सेवा प्राप्त करना पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा।

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