मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में 8 जुलाई को वाराणसी में बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते के लागू होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के करीब 10 लाख शिक्षक और कर्मचारी विशेष सैलरी पैकेज के दायरे में आ जाएंगे।
स्थायी कर्मचारियों को मिलेगा व्यापक सुरक्षा कवच
इस योजना के तहत स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों को कई तरह के वित्तीय सुरक्षा लाभ दिए जाएंगे। इनमें ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता और हवाई दुर्घटना की स्थिति में अतिरिक्त बीमा कवर शामिल है। इसके अलावा कर्मचारियों के परिवार को ध्यान में रखते हुए बच्चों की उच्च शिक्षा और बेटियों के विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों के लिए भी विशेष सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे।
संविदा कर्मचारियों को भी मिलेगा बड़ा फायदा
सरकार ने केवल स्थायी कर्मचारियों तक ही इस योजना को सीमित नहीं रखा है, बल्कि संविदा पर कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों तथा अन्य कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया है। मासिक वेतन के आधार पर उन्हें दुर्घटना बीमा, स्थायी एवं आंशिक दिव्यांगता कवर जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे संविदा कर्मचारियों को भी भविष्य की अनिश्चित परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिलेगा।
कम वेतन वाले कर्मचारियों का भी रखा गया ध्यान
ऐसे कर्मचारी जिनका मासिक वेतन कम है, उन्हें भी इस योजना से बाहर नहीं रखा गया है। उनके लिए जीरो बैलेंस बैंक खाते और रुपे डेबिट कार्ड के माध्यम से बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर कर्मचारियों को भी आवश्यक सुरक्षा कवच मिल सकेगा।
एसबीआई सैलरी पैकेज से जुड़ने पर मिलेगा लाभ
जिन कर्मचारियों का वेतन पहले से एसबीआई खाते में आ रहा है, उन्हें इस विशेष सैलरी पैकेज का लाभ स्वतः मिल सकेगा। वहीं जिनका वेतन किसी अन्य बैंक में आता है, उन्हें एसबीआई में सैलरी अकाउंट खोलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि वे भी इस योजना का पूरा लाभ उठा सकें।
कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम
राज्य सरकार की यह पहल लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बीमा सुरक्षा और बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार से कर्मचारियों और उनके परिवारों को भविष्य की आकस्मिक परिस्थितियों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह योजना न केवल वित्तीय सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि कर्मचारियों में भरोसा और आत्मविश्वास भी मजबूत करेगी।

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