केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, बिहार के ग्रामीण श्रमिकों को मिली बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के ग्रामीण श्रमिकों और पंचायतों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAMG) के तहत राज्य को 1,663.56 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। 

यह राशि राज्य के लिए पहले से स्वीकृत 6,715.83 करोड़ रुपये के अंतरिम बजट का हिस्सा है। इस फंड का उपयोग ग्रामीण विकास कार्यों को गति देने, श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने और पंचायत स्तर पर आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।

तीन महीने की जरूरतों को ध्यान में रखकर जारी हुई राशि

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार से मिली 1,663.56 करोड़ रुपये की यह पहली किस्त अगले तीन महीनों के विकास कार्यों और रोजगार संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है। राज्य सरकार भी इसमें अपना वित्तीय योगदान जोड़ेगी, जिससे पंचायतों में विकास योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा।

अब 100 नहीं, 125 दिनों तक मिलेगा रोजगार

नई योजना में सबसे बड़ा बदलाव रोजगार की अवधि को लेकर किया गया है। पहले ग्रामीण श्रमिकों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलती थी, जबकि अब पात्र अकुशल श्रमिकों को 125 दिनों तक काम देने का प्रावधान किया गया है। इस बदलाव से हजारों ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त 25 दिनों का रोजगार मिलेगा, जिससे उनकी वार्षिक आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

समय पर काम नहीं तो मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

योजना में श्रमिकों के अधिकारों को और मजबूत किया गया है। यदि कोई पात्र श्रमिक नियमानुसार काम की मांग करता है और तय समय सीमा के भीतर उसे रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता, तो उसे बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान रखा गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रोजगार की गारंटी केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरतमंद श्रमिकों को समय पर काम भी मिले।

विकास कार्यों में केंद्र और राज्य दोनों करेंगे निवेश

नई व्यवस्था के तहत पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों की लागत दोनों सरकारें मिलकर वहन करेंगी। कुल परियोजना लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार उपलब्ध कराएगी। इससे विकास योजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे और परियोजनाओं के समय पर पूरा होने की संभावना बढ़ेगी।

गांवों में बढ़ेंगे रोजगार और आर्थिक गतिविधियां

इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। पंचायत स्तर पर विकास कार्य बढ़ने से स्थानीय श्रमिकों को अपने गांव में ही रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी, जिससे पलायन में कमी आ सकती है।

0 comments:

Post a Comment