चार लेन का बनेगा हाईवे
प्रस्तावित कॉरिडोर को शुरुआती तौर पर चार लेन का बनाया जाएगा। भविष्य में ट्रैफिक की जरूरत के अनुसार इसे छह लेन तक विस्तारित करने की क्षमता रखी जाएगी। हाईवे पर वाहनों की अधिकतम रफ्तार करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखने की योजना है। परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना भी मंजूरी के लिए एनएचएआई मुख्यालय भेजी गई है। इसके स्वीकृत होने के बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
पहले चरण में इन इलाकों को जोड़ेगा
पहले फेज की लंबाई करीब 348 किलोमीटर बताई गई है। इस चरण में शामली से आगे मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरिद्वार, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क विकसित की जाएगी। इस हिस्से में यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए 12 रेलवे ओवरब्रिज (ROB), 18 अंडरपास, 25 बड़े पुल और 125 छोटे पुल बनाए जाने की योजना है। यात्रियों की सुविधा के लिए आठ स्थानों पर जनसुविधा केंद्र भी विकसित किए जाएंगे।
दूसरे फेज में पूर्वांचल तक पहुंचेगा हाईवे
दूसरे चरण की लंबाई करीब 397 किलोमीटर होगी। इसमें लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर और गोरखपुर होते हुए कुशीनगर तक कॉरिडोर का निर्माण प्रस्तावित है। इस चरण में 8 ROB, 16 अंडरपास, 38 बड़े पुल और 145 छोटे पुल बनाए जाएंगे। यात्रियों की जरूरत को देखते हुए छह जगहों पर जनसुविधा केंद्र भी विकसित किए जाने की योजना है।
बिहार और पश्चिम बंगाल तक जुड़ने का प्रस्ताव
शामली-गोरखपुर कॉरिडोर को भविष्य में कुशीनगर से आगे बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक ले जाने का प्रस्ताव है। यदि यह योजना आगे बढ़ती है तो उत्तर भारत के पश्चिमी हिस्से से पूर्वी क्षेत्र तक सड़क संपर्क और मजबूत हो सकता है। इस हाईवे के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों में यात्रा, व्यापार और माल ढुलाई को गति मिलने की उम्मीद है।

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