CM सम्राट चौधरी का ऐलान, बिहारवासियों के लिए 5 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के विकास को लेकर हुई समीक्षा बैठक में सरकारी जमीन के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया है। सरकार की योजना है कि राजधानी में खाली या कम इस्तेमाल हो रही सरकारी जमीन को चिन्हित कर वहां आधुनिक और बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जाएं। बैठक में पटना के साथ-साथ गया, भागलपुर, बेगूसराय और दरभंगा में भी विकास की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सामने रखे गए प्रस्तावों के अनुसार पटना में अलग-अलग परियोजनाओं के जरिए करीब 4000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है। इन प्रोजेक्ट से करीब 8000 करोड़ रुपये के राजस्व का अनुमान भी लगाया गया है। हालांकि, ये आंकड़े अभी प्रस्तावित योजनाओं पर आधारित अनुमान हैं।

1. पटना में बनेगा वर्ल्ड ट्रेड सेंटर

पटना को बड़े कारोबारी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में NBCC ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनाने का प्रस्ताव रखा है। सरकार का उद्देश्य ऐसे आधुनिक प्रोजेक्ट विकसित करना है, जिससे शहर में कारोबार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें। मुख्यमंत्री ने बड़े विकास प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

2.पाटलिपुत्र टाउनशिप का प्लान

पटना में एक बड़ी टाउनशिप विकसित करने की योजना पर भी काम शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने करीब 2000 एकड़ जमीन को ध्यान में रखते हुए पाटलिपुत्र टाउनशिप का विस्तृत प्लान तैयार करने को कहा है। इसके अलावा एक अन्य टाउनशिप के लिए करीब 1000 एकड़ जमीन की उपलब्धता को ध्यान में रखकर योजना बनाने का निर्देश दिया गया है। इससे शहर के विस्तार और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित विकास का रास्ता तैयार हो सकता है।

3. कई सरकारी जमीनों का होगा विकास

बैठक में पटना की कई महत्वपूर्ण सरकारी जमीनों को नए प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल करने पर चर्चा हुई। बिहार म्यूजियम के सामने नेहरू पथ, गर्दनीबाग, भूतनाथ सेक्टर-6 और बोरिंग कैनाल रोड की जमीन को लेकर भी विकास योजनाएं तैयार करने की बात कही गई। जमीन की उपलब्धता और स्थानीय जरूरत के आधार पर इन जगहों पर अलग-अलग परियोजनाएं विकसित की जा सकती हैं।

4. पुराने सरकारी भवनों की जगह नया निर्माण

सरकार अब सिर्फ खाली जमीन पर ही विकास नहीं करेगी, बल्कि पुरानी सरकारी संपत्तियों के इस्तेमाल पर भी ध्यान देगी। जिन सरकारी भवनों की हालत खराब है या जो वर्तमान जरूरतों के अनुरूप नहीं हैं, वहां आवश्यकता के अनुसार नए और आधुनिक भवन बनाए जा सकते हैं। इससे सरकारी जमीन और भवनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने की कोशिश होगी।

5. दूसरे बड़े शहरों में भी तैयार होगा विकास प्लान

विकास की यह योजना केवल राजधानी पटना तक सीमित नहीं रहेगी। गया, भागलपुर, बेगूसराय और दरभंगा जैसे प्रमुख शहरों में भी सरकारी जमीन की पहचान की जाएगी। इसके बाद इन जमीनों पर जरूरत के अनुसार बड़े प्रोजेक्ट विकसित करने की योजना तैयार होगी।

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