बिहार सरकार की बड़ी तैयारी, जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार में जमीन के रिकॉर्ड को व्यवस्थित और डिजिटल बनाने के लिए चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण को लेकर सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने पांच जिलों में चल रहे सर्वे कार्य की समीक्षा की। शिवहर, अरवल, जहानाबाद, लखीसराय और शेखपुरा में सर्वे का काम अब अंतिम चरण में बताया गया है।

जल्द दूसरे जिलों में भी बढ़ेगी रफ्तार

समीक्षा के दौरान अधिकारियों को सर्वे प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। इन पांच जिलों में काम पूरा होने के बाद अगले चरण के जिलों का चयन कर वहां सर्वेक्षण को गति देने की तैयारी है। सरकार ने पूरे विशेष भूमि सर्वेक्षण को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

जमीन मालिकों को क्या होगा फायदा?

सर्वे पूरा होने के बाद जमीन से जुड़े नक्शे, खतियान और अधिकार अभिलेख डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे। इससे जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिलेगी और फर्जीवाड़े, अवैध कब्जे तथा एक ही जमीन की कई बार बिक्री जैसे विवादों पर रोक लगाने में सहायता मिलेगी। दाखिल-खारिज और पारिवारिक बंटवारे की प्रक्रिया भी आसान होने की उम्मीद है।

रैयतों को नहीं देना होगा कोई शुल्क

विशेष भूमि सर्वेक्षण की प्रक्रिया सरकार की ओर से पूरी तरह निशुल्क रखी गई है। जमीन मालिकों को अमीन, कानूनगो या शिविर प्रभारी को इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना है। सर्वे के दौरान अमीन मौके पर पहुंचकर जमीन की सीमाओं की जांच करेंगे और आधुनिक उपकरणों की मदद से प्लॉट का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

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