इन 5 दस्तावेजों से साबित होगी उम्र
शहरी क्षेत्र में यदि मृतक का परिवार रजिस्टर में विवरण दर्ज नहीं है और हाईस्कूल स्तर का शैक्षिक प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं है, तो आवेदक अन्य दस्तावेजों के माध्यम से आयु का सत्यापन करा सकेगा। इसके लिए राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और पैन कार्ड को मान्य किया गया है।
परिवार रजिस्टर नहीं होने से आती थी दिक्कत
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत पात्र परिवार को परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना में आवेदन के दौरान मृतक की उम्र का सत्यापन महत्वपूर्ण होता है। पहले जारी व्यवस्था के अनुसार मृतक की आयु प्रमाणित करने के लिए परिवार या कुटुंब रजिस्टर की प्रमाणित प्रति अथवा जन्मतिथि दर्ज शैक्षिक प्रमाणपत्र को प्राथमिक आधार माना गया था। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार रजिस्टर उपलब्ध होने के कारण यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान थी, लेकिन शहरी क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्था सामान्य रूप से उपलब्ध नहीं होने से आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
नई व्यवस्था के तहत स्वघोषणा देना भी जरूरी
नई व्यवस्था के तहत निर्धारित पांच दस्तावेजों में से किसी एक के आधार पर मृतक की उम्र का सत्यापन कराया जा सकेगा। हालांकि, इसके लिए आवेदक को निर्धारित प्रारूप में स्वघोषणा पत्र भी देना होगा। स्वघोषणा में यह स्पष्ट करना होगा कि मृतक का हाईस्कूल स्तर का शैक्षिक प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है और संबंधित नगरीय क्षेत्र में परिवार या कुटुंब रजिस्टर भी मौजूद नहीं है। इसके बाद उपलब्ध मान्य दस्तावेज के आधार पर आयु का सत्यापन किया जा सकेगा।
सिर्फ शहरी आवेदकों को मिलेगा लाभ
समाज कल्याण विभाग के अनुसार यह सुविधा फिलहाल नगरीय क्षेत्र के आवेदकों के लिए लागू की गई है। यानी वार्ड या अन्य शहरी क्षेत्र में रहने वाले ऐसे परिवार, जिनके पास पुराने नियमों में निर्धारित आयु प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं, वे नई व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे।

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