पेंशन से जुड़ी बड़ी खबर, इन कर्मचारियों के लिए आई खुशखबरी!

नई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ते गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए पेंशन से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। अब जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट, अर्बन कंपनी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कामगार भी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के जरिए अपने रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू कर सकते हैं। खास बात यह है कि इसमें महज 99 रुपये से योगदान की शुरुआत की जा सकती है।

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए एनपीएस व्यवस्था को लेकर जानकारी साझा की है। इसके मुताबिक, इस मॉडल में कामगार अपनी सुविधा और कमाई के अनुसार योगदान जारी रख सकते हैं। पीएफआरडीए की ओर से योगदान की कोई तय न्यूनतम या अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

गिग वर्कर्स के लिए बनाया गया खास मॉडल

प्लेटफॉर्म वर्कर्स को पेंशन व्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से PFRDA ने अक्टूबर 2025 में एनपीएस ई-श्रमिक (प्लेटफॉर्म सर्विस पार्टनर) मॉडल पेश किया था। इसके तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सर्विस देने वाले वर्कर्स को एनपीएस के दायरे में लाने की व्यवस्था की गई है।

इस मॉडल में पेंशन खाते में योगदान की जिम्मेदारी अलग-अलग तरीके से तय की जा सकती है। वर्कर और प्लेटफॉर्म दोनों मिलकर योगदान कर सकते हैं। इसके अलावा केवल वर्कर भी पैसा जमा कर सकता है या उसकी ओर से प्लेटफॉर्म/एग्रीगेटर पूरा योगदान कर सकता है।

99 रुपये से शुरू होगी बचत

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत कम राशि से शुरुआत करने की सुविधा है। प्लेटफॉर्म वर्कर्स 99 रुपये से एनपीएस में योगदान शुरू कर सकते हैं। इसके बाद वे अपनी आर्थिक क्षमता के हिसाब से निवेश जारी रख सकते हैं। हालांकि पीएफआरडीए ने न्यूनतम और अधिकतम योगदान की कोई अनिवार्य सीमा तय नहीं की है, लेकिन वर्कर और प्लेटफॉर्म आपसी सहमति से प्रत्येक योगदान की न्यूनतम राशि तय कर सकते हैं। इससे कम या अनियमित आमदनी वाले कामगारों को भी रिटायरमेंट के लिए धीरे-धीरे फंड तैयार करने का विकल्प मिलता है।

कैसे खुलेगा एनपीएस अकाउंट?

एनपीएस में शामिल होने के लिए सबसे पहले वर्कर की जरूरी KYC जानकारी ली जाएगी। इसमें नाम, पता, पैन, मोबाइल नंबर और बैंक खाते जैसी जानकारी शामिल होगी। KYC की प्रक्रिया आधार आधारित ई-केवाईसी या पीएफआरडीए द्वारा स्वीकृत अन्य माध्यमों से पूरी की जा सकती है।

वर्कर की सहमति के बाद उसका परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर यानी PRAN बनाया जाएगा। शुरुआती तौर पर प्लेटफॉर्म की ओर से निवेश योजना और पेंशन फंड का चयन किया जा सकता है। हालांकि खाता खुलने के बाद वर्कर को अपनी पसंद के अनुसार इन विकल्पों में बदलाव करने का अधिकार रहेगा।

रिटायरमेंट के लिए बनेगा लंबी अवधि का फंड

गिग वर्कर्स की आमदनी अक्सर काम और बुकिंग पर निर्भर करती है। ऐसे में नियमित पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा का अभाव उनके लिए बड़ी चुनौती रहा है। एनपीएस के इस मॉडल से उन्हें कामकाजी जीवन के दौरान छोटी-छोटी रकम निवेश कर भविष्य के लिए रिटायरमेंट फंड तैयार करने का मौका मिलेगा।

यानी आज की कमाई का एक छोटा हिस्सा भविष्य के लिए सुरक्षित करके गिग वर्कर्स अपने बुढ़ापे की आर्थिक जरूरतों को बेहतर तरीके से संभालने की तैयारी कर सकते हैं। योजना का उद्देश्य प्लेटफॉर्म आधारित कामगारों को औपचारिक पेंशन व्यवस्था से जोड़ना है।

0 comments:

Post a Comment