प्रति एकड़ मिलेगा 750 रुपये तक का लाभ
योजना के तहत डीजल से सिंचाई करने पर किसानों को 75 रुपये प्रति लीटर की दर से अनुदान मिलेगा। सरकार ने एक एकड़ भूमि के लिए अधिकतम 10 लीटर डीजल की खपत को मानक माना है। इस हिसाब से किसान को एक सिंचाई के लिए 750 रुपये प्रति एकड़ तक की सहायता मिल सकती है। एक किसान अधिकतम 8 एकड़ जमीन के लिए इस योजना का लाभ उठा सकता है। इससे डीजल से सिंचाई करने वाले किसानों को खेती की बढ़ती लागत से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
फसल के अनुसार अलग-अलग सीमा
अनुदान की अधिकतम सीमा फसल और सिंचाई की संख्या के आधार पर तय की गई है। धान की नर्सरी और जूट की फसल के लिए अधिकतम दो सिंचाई पर 1,500 रुपये प्रति एकड़ तक अनुदान मिल सकता है। वहीं धान, मक्का, दलहन, तिलहन, मौसमी सब्जियों तथा सुगंधित और औषधीय पौधों की फसलों के लिए अधिकतम तीन सिंचाई का प्रावधान है। इन फसलों में किसानों को 2,250 रुपये प्रति एकड़ तक अनुदान मिल सकता है।
30 अक्टूबर तक की सिंचाई पर लाभ
कृषि विभाग के अनुसार योजना का लाभ निर्धारित अवधि में खरीदे गए डीजल और की गई सिंचाई के लिए ही मिलेगा। 30 अक्टूबर 2026 तक की गई सिंचाई के लिए किसान आवेदन कर सकेंगे। एक आवेदन केवल एक सिंचाई से संबंधित होगा।
ऑनलाइन करना होगा आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बिहार कृषि विभाग की वेबसाइट या डीबीटी कृषि पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन की जांच के बाद पात्र किसानों को अनुदान की राशि डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।

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