इस परियोजना का मुख्य हिस्सा गाजीपुर से बिहार के सारण जिले के सहबलपुर तक प्रस्तावित है। आगे इसे छपरा से जोड़ा जाएगा। वहीं भरौली गोलंबर से बनने वाला लिंक रोड बक्सर को भी इस नेटवर्क से जोड़ेगा। इससे गाजीपुर, बलिया, बक्सर और छपरा के बीच आवागमन बेहतर होगा।
कई शहरों को मिलेगा फायदा
नए हाईवे से सिर्फ यूपी और बिहार के सीमावर्ती इलाकों को ही फायदा नहीं होगा। वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़ और मऊ जैसे पूर्वांचल के शहरों से बिहार की ओर जाने वाले लोगों के लिए भी कनेक्टिविटी आसान होने की उम्मीद है। बलिया के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक पहुंच बेहतर होने से लखनऊ और दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिल सकती है।
व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा
बेहतर सड़क नेटवर्क का असर कारोबार पर भी पड़ सकता है। माल ढुलाई तेज होने से व्यापारियों को फायदा मिलेगा और परिवहन लागत व समय में कमी आने की उम्मीद है। इसके अलावा वाराणसी, गाजीपुर, बलिया और बिहार के पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
आपको बता दें की यह हाईवे पूर्वांचल और बिहार के बीच एक महत्वपूर्ण सड़क गलियारा बन सकता है। वाराणसी-छपरा यात्रा का समय कम होने के साथ बक्सर, छपरा और पटना की कनेक्टिविटी भी पहले से बेहतर होने की उम्मीद है।

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