योगी सरकार की बड़ी तैयारी, यूपी की महिलाओं के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए योगी सरकार बड़ी राहत की तैयारी में है। राज्य में महिलाओं को ₹50,000 तक की आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव पर सरकार के स्तर पर मंथन चल रहा है। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि यह रकम सीधे महिलाओं के बैंक खाते में भेजी जाएगी या अलग-अलग योजनाओं के जरिए इसका लाभ पहुंचाया जाएगा।

तीन विकल्पों पर विचार

सरकार के सामने पहला विकल्प पात्र महिलाओं के खातों में सीधे ₹50 हजार भेजने का है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास से जुड़ी नई योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सहायता देने पर भी विचार हो रहा है। तीसरे विकल्प के तहत पहले से चल रही महिला कल्याण योजनाओं का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

मौजूदा योजनाओं का बढ़ सकता है लाभ

उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के लिए पहले से कई योजनाएं चल रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत पात्र बालिकाओं को शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए चरणबद्ध आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं निराश्रित महिला पेंशन योजना के जरिए जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहारा दिया जाता है।

इसके अलावा रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के तहत गंभीर हिंसा और एसिड अटैक की पीड़िताओं को इलाज व पुनर्वास के लिए मदद दी जाती है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और स्वयं सहायता समूहों के जरिए भी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता पर जोर

सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए स्वयं सहायता समूह और लखपति दीदी जैसी पहलों को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में प्रस्तावित ₹50 हजार की सहायता को महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण या स्वरोजगार से जोड़ने की संभावना भी बनी हुई है।

फिलहाल ₹50 हजार की सहायता को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सरकार की ओर से घोषणा और पात्रता संबंधी नियम जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किन महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा और राशि किस माध्यम से दी जाएगी।

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