सरकार की योजना के मुताबिक, छुट्टी के आवेदन पर अधिकतम 48 घंटे के भीतर निर्णय लेने की व्यवस्था की जाएगी। इससे शिक्षकों को आवेदन के बाद लंबे समय तक जवाब का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
ऑनलाइन होगी छुट्टी की पूरी प्रक्रिया
नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों को छुट्टी के लिए डिजिटल माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन संबंधित अधिकारी के पास ऑनलाइन पहुंचेगा और वहीं से उसकी जांच के बाद मंजूरी या अस्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे कागजी आवेदन और कार्यालयों में अनावश्यक भागदौड़ कम होने की उम्मीद है। साथ ही छुट्टी के आवेदनों की निगरानी भी आसान हो सकेगी।
देरी हुई तो अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
सरकार ने छुट्टी के आवेदन को समय पर निपटाने पर भी जोर दिया है। तय समय सीमा के भीतर आवेदन पर कार्रवाई नहीं करने या अनावश्यक देरी करने की स्थिति में संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पटना कॉलेजिएट स्कूल के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शिक्षकों की सुविधाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी दी।
मॉडल स्कूलों में मुफ्त प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
वहीं, राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ छात्रों के लिए भी नई पहल की जा रही है। मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों को मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने की व्यवस्था की गई है। इन स्कूलों में छात्रों को मुफ्त कोचिंग देने का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी बेहतर तैयारी का अवसर देना है। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस पहल का प्रभाव अगले दो-तीन वर्षों में बेहतर तरीके से दिखाई देगा।
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