शासन की ओर से कराई गई जांच में कुल 47,886 अपात्र राशन कार्ड धारकों की पहचान की गई है। इनमें वाहन मालिक, निर्धारित सीमा से अधिक आय वाले परिवार और बड़े कारोबारी भी शामिल हैं। संबंधित जिलों को सूची भेजकर सत्यापन के बाद अपात्र कार्ड निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
28 हजार से ज्यादा कार्ड रद्द
शासन के निर्देश के बाद मंडल के चारों जिलों में राशन कार्डों के सत्यापन और निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक 28,586 राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। यह चिन्हित अपात्र कार्डों का करीब 59.69 प्रतिशत है। हालांकि सभी जिलों में कार्रवाई की रफ्तार एक जैसी नहीं है। कहीं बड़ी संख्या में कार्ड निरस्त किए गए हैं तो कहीं सत्यापन और कार्रवाई की प्रक्रिया काफी धीमी चल रही है।
बांदा में सबसे ज्यादा कार्रवाई
मंडल में अपात्र राशन कार्डों पर कार्रवाई के मामले में बांदा आगे है। जिले में 14,439 अपात्र कार्ड चिन्हित किए गए थे। इनमें से अब तक 12,425 कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। वहीं हमीरपुर में करीब 66.90 प्रतिशत और महोबा में लगभग 67.72 प्रतिशत चिन्हित कार्डों पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है।
चित्रकूट में कार्रवाई बेहद धीमी
चित्रकूट जिले में कार्रवाई की रफ्तार सबसे धीमी बताई जा रही है। शासन की ओर से जिले को 9,507 अपात्र राशन कार्ड धारकों की सूची उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन अब तक केवल 76 कार्ड निरस्त किए गए हैं। इतनी कम संख्या में कार्रवाई होने के कारण जिले में सत्यापन प्रक्रिया की गति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब प्रशासन के सामने चिन्हित सभी मामलों की जांच पूरी कर पात्र और अपात्र लोगों की स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है।
कार से लेकर बड़े कारोबार तक वालों के नाम
जांच में ऐसे लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जो सरकारी योजना के लिए तय आर्थिक और संपत्ति संबंधी मानकों के अनुरूप पात्र नहीं हैं। सूची में चार पहिया वाहन रखने वाले परिवारों के साथ ऐसे कारोबारी भी शामिल हैं, जिनका वार्षिक GST टर्नओवर 25 लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा कंपनी के निदेशक, पांच एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि वाले और निर्धारित संपत्ति सीमा से अधिक संसाधन रखने वाले लोगों को भी अपात्र सूची में शामिल किया गया है।
गलत तरीके से लाभ लेने वालों पर आगे भी होगी कार्रवाई
सरकार की मुफ्त राशन योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। ऐसे में अपात्र लोगों के योजना का लाभ लेने से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सहायता पहुंचने में परेशानी हो सकती है। इसी वजह से शासन स्तर पर राशन कार्डों का सत्यापन कराया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच के बाद जो लोग पात्रता मानकों को पूरा नहीं करते, उनके राशन कार्ड नियमानुसार निरस्त किए जाएं।
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