यह केंद्र किसानों के लिए केवल प्रशिक्षण स्थल नहीं होगा, बल्कि ड्रैगन फ्रूट की आधुनिक खेती, पौध तैयार करने, अनुसंधान और बेहतर उत्पादन की तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। ड्रैगन फ्रूट के लिए देश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बेंगलुरु में स्थापित किया गया है। अब मिर्जापुर में बनने वाला केंद्र देश में इस तरह की दूसरी प्रमुख सुविधा होगी।
15 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा केंद्र
प्रस्तावित सेंटर को करीब 40 बीघा भूमि पर विकसित किया जाएगा। पूरी परियोजना पर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यहां आधुनिक कृषि तकनीक के इस्तेमाल के साथ ड्रैगन फ्रूट की खेती से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर काम किया जाएगा।
किसानों को मिलेंगे प्रमाणित पौधे
इस केंद्र की सबसे बड़ी खासियत किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले पौध उपलब्ध कराना होगी। किसानों को प्रमाणित और रोगमुक्त ड्रैगन फ्रूट के पौधे मिल सकेंगे। इससे खराब गुणवत्ता वाले पौधों के कारण होने वाले नुकसान को कम करने और उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
मिर्जापुर बन रहा ड्रैगन फ्रूट का हब
मिर्जापुर में पहले से ही ड्रैगन फ्रूट की खेती का विस्तार हो रहा है। ऐसे में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से जिले में इस फसल की खेती को और गति मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र के माध्यम से किसानों को तकनीकी सहायता और गुणवत्तापूर्ण पौध उपलब्ध कराने पर विशेष जोर रहेगा।

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