एक व्यक्ति रख सकता है अधिकतम 9 SIM
दूरसंचार विभाग के मौजूदा नियमों के अनुसार, सामान्य क्षेत्रों में एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड रख सकता है। वहीं जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों में यह सीमा 6 सिम है। अगर किसी व्यक्ति के नाम पर तय संख्या से ज्यादा कनेक्शन पाए जाते हैं, तो अतिरिक्त सिम की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
23 अगस्त से बढ़ेगी निगरानी
इसके लिए दूरसंचार विभाग टेलीकॉम कंपनियों को डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) के जरिए जानकारी उपलब्ध कराएगा। 23 अगस्त 2026 से कंपनियां इस डेटा का इस्तेमाल अतिरिक्त सिम की पहचान और नए कनेक्शन जारी करने में सावधानी के लिए करेंगी। इसके बाद किसी व्यक्ति के नाम पर सीमा से अधिक सिम पाए जाने पर तय सीमा के बाद जारी कनेक्शनों पर कार्रवाई की जा सकती है।
नवंबर से रियल टाइम जांच
सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को इस व्यवस्था को आगे चलकर रियल टाइम में लागू करने का निर्देश दिया है। 30 नवंबर 2026 तक सिस्टम को इस तरह तैयार करने का लक्ष्य है कि नया सिम जारी करते समय ही यह जांच हो सके कि आवेदक के नाम पर पहले से कितने मोबाइल कनेक्शन मौजूद हैं।
फर्जी सिम पर लगेगी लगाम
सरकार का मुख्य उद्देश्य ऐसे मोबाइल कनेक्शनों पर नियंत्रण करना है जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी और दूसरे गैरकानूनी कामों में किया जाता है। किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर सिम लेकर उसका गलत इस्तेमाल किए जाने के मामलों को रोकने में यह व्यवस्था मददगार हो सकती है।
इसके साथ ही सरकार CNAP यानी Calling Name Presentation जैसी सुविधा पर भी काम कर रही है। इसके जरिए कुछ परिस्थितियों में कॉल आने पर नंबर के साथ संबंधित ग्राहक का KYC रिकॉर्ड वाला नाम दिखाई देने की सुविधा मिल सकती है। इससे अनजान कॉल की पहचान में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

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