लंबे समय से बढ़ोतरी की मांग
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील की व्यवस्था में रसोइयों की अहम भूमिका है। वे रोजाना भोजन तैयार करने से लेकर कई जरूरी जिम्मेदारियां संभालते हैं। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग उठती रही है। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी के बाद रसोइयों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।
पहले 1000 रुपये था मानदेय
रसोइयों के मानदेय में पिछले वर्षों में कई बार बदलाव किया गया है। पहले उन्हें 1000 रुपये प्रति माह मिलते थे। वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया, जबकि 2022 में मानदेय बढ़कर 2000 रुपये मासिक हो गया। अब एक बार फिर इसमें वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
3.53 लाख रसोइयों को मिल सकता है फायदा
प्रदेश के करीब 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में लगभग 1.46 करोड़ विद्यार्थियों को मिड डे मील उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में मानदेय बढ़ने पर राज्यभर के 3.53 लाख रसोइयों को सीधा आर्थिक लाभ मिल सकता है। मौजूदा व्यवस्था में 2000 रुपये मासिक मानदेय के अलावा यूनिफॉर्म के लिए 500 रुपये और ग्लव्स के लिए 400 रुपये दिए जाते हैं। फिलहाल मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर अंतिम फैसला सरकार की ओर से होना बाकी है।

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