बोनस सीमा बढ़ाने की मांग क्यों उठी?
स्टाफ साइड का कहना है कि जब न्यूनतम वेतन को 21,000 रुपये के स्तर तक बढ़ाया गया है, तो बोनस की गणना भी उसी आधार पर होनी चाहिए। उनका मानना है कि पुरानी 7,000 रुपये की सीमा अब मौजूदा वेतन व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।
सरकार के नए नियम में क्या कहा गया?
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के 25 अगस्त 2026 के नोटिफिकेशन के अनुसार, अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के बोनस की गणना के लिए 7,000 रुपये या सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी में से जो अधिक होगा, उसे आधार बनाया जाएगा। इस नियम को 21 नवंबर 2025 से लागू माना गया है।
दशहरे से पहले आदेश की मांग
काउंसिल चाहती है कि सरकार जल्द फैसला लेकर PLB, बोनस और एडहॉक बोनस के भुगतान का रास्ता साफ करे। अगर बोनस की सीमा बढ़ाने पर सरकार सहमति देती है, तो बड़ी संख्या में केंद्रीय कर्मचारियों को इसका फायदा मिल सकता है।

0 comments:
Post a Comment