साइंस डेस्क: भारत का चंद्रयान-2 चन्द्रमा की कक्षा में पहुंच गया हैं और अभी चंद्रयान-2 चांद की परिक्रमा कर रहा है। इसरो चीफ के सिवन ने बताया कि सुबह 9 बजे चांद की कक्षा में चंद्रयान-2 पहुंचा गया । उन्होंने कहा कि इस दौरान 30 मिनट तक उनकी धड़कनें तक रुक गईं थीं। लेकिन अभी चंद्रयान-2 पूरी तरह कंट्रोल में हैं और वो चांद की परिक्रमा कर रहा हैं।
इसरो अध्यक्ष के सिवन ने बताया की सात सितंबर को चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 की साॉफ्ट लैंडिंग कराने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले लैंडर संबंधी दो कक्षीय प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाएगा। इसके बाद सात सितम्बर को 1:55 मिनट पर इसे चन्द्रमा की सतह पर लैंडिंग कराया जायेगा।
बंगलूरू के नजदीक ब्याललू स्थित इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) के एंटीना की मदद से बंगलूरू स्थित इसरो, टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) के मिशन ऑपरेशन्स कांप्लेक्स (एमओएक्स) से चंद्रयान-2 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वैज्ञानिक इसके हर पहलू पर नजर बनाएं हुए हैं ताकि बाद में किसी परेशानी का सामना करना ना पड़ें।
इसरो चीफ के सिवन ने बताया कि सुबह 9 बजे प्रणोदन प्रणाली के जरिए चंद्रयान-2 को चन्द्रमा की कक्षा में स्थापित किया गया। सिवान ने कहा यह पूरी प्रक्रिया 1,738 सेकेंड की थी और इसके साथ ही चंद्रयान-2 चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गया। अभी वो चन्द्रमा की परिक्रमा अच्छी तरह से कर रहा हैं। .
चंद्रयान-2 को चंद्रमा की सतह से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर चंद्र ध्रुवों के ऊपर से गुजरना है। इसकी अंतिम कक्षा में पहुंचाने के लिए चार और कक्षीय प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाएगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि इसके बाद लैंडर विक्रम दो सितंबर को ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा। इसके बाद सात सितंबर को 1:55 मिनट पर इसे चन्द्रमा की सतह पर उतारा जायेगा।
चंद्रयान-2 मिशन भारत के लिए इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में अभी तक कोई देश नहीं पहुंचा है। यह भारत के साथ साथ पूरी मानवता के लिए लाभकारी साबित होगा।

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