डेस्क: हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था। इस दिन हमे अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति मिल गयी थी। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे 15 अगस्त से जुड़ी कुछ खूबसूरत यादों के बारे तो ताकि लोगों को इसके बारे में सही जानकारी मिल सके। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।
=> भारत की आजादी के लिए लॉर्ड माउंटबेटन ने 15 अगस्त की तारीख चुनी थी। 15 अगस्त का दिन माउंटबेटन के हिसाब से सबसे शुभ दिन था। माउंटबेटेन इस दिन को शुभ मानता था क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के समय 15 अगस्त 1945 को जापानी आर्मी ने आत्मसमर्पण किया था और उस समय माउंटबेटन अलाइड फ़ोर्सेज़ का कमांडर था। इसलिए उन्हें 15 अगस्त का समय चुना।
=> आजादी के के समय भारत के पास कोई राष्ट्रगान नहीं था। लेकिन फिर बाद में साल 1911 में रविंद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखे जन गण मन को अधिकारिक तौर पर राष्ट्रगान के रूप में साल 1950 में अपनाया गया। तब से जन गण मन हमारे देश का राष्ट्रगान बना।
=> आप सभी लोग ये जानते हैं की हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा फहराते हैं। लेकिन 15 अगस्त 1947 को ऐसा नहीं हुआ था। लोकसभा सचिवालय के एक शोध पत्र के मुताबिक पंडित नेहरू ने 16 अगस्त 1947 को लाल किले से झंडा फहराया था।
=> आजादी के बाद आजादी के जश्न में महात्मा गांधी शामिल नहीं हुए थे। क्यों की जब भारत को आजादी मिली थी उस समय महात्मा गांधी बंगाल के नोआखली में हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच हो रही सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन कर रहे थे। इसलिए वो इस जश्न में शामिल नहीं हुए थे।
=> भारत को आजादी 15 अगस्त 1947 को रात के 12 बजे मिली थी।

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