बिहार में पंचायत सचिवों और अमीनों को नया काम!

न्यूज डेस्क: राजस्व विभाग की अनिश्चितकालीन हड़ताल से जमीन से जुड़े कामकाज की रफ्तार ठप होने के बाद बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अंचलों में दाखिल-खारिज, परिमार्जन सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों को पटरी पर लाने के लिए अब पंचायत सचिवों और अंचल अमीनों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सोमवार को इस दिशा में अहम पहल करते हुए सभी जिलों में ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। पटना से संचालित इस प्रशिक्षण में पंचायत सचिवों और अमीनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व कर्मचारियों के तकनीकी कार्यों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों से सवाल-जवाब के माध्यम से उनकी समस्याओं और शंकाओं को भी दूर किया गया।

प्रशिक्षण के बाद अब इन्हें राजस्व विभाग से जुड़े कार्य जैसे दाखिल-खारिज, भूमि परिमार्जन आदि के लिए अधिकृत किया गया है। इसके लिए राजस्व कर्मियों को आवंटित किए गए लैपटॉप भी पंचायत सचिवों और अमीनों को सौंपे गए, जिससे वे तकनीकी रूप से सक्षम होकर काम शुरू कर सकें।

सेवानिवृत्त राजस्व कर्मियों की संविदा पर बहाली की तैयारी

हड़ताल के कारण कामकाज प्रभावित होने पर विभाग ने एक और बड़ा निर्णय लिया है। विशेष सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों के समाहर्ताओं को निर्देश दिया है कि जो राजस्व कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनकी सूची तैयार की जाए। इन कर्मियों को संविदा के आधार पर पुनः नियोजित किया जाएगा, ताकि लंबित जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा हो सके।

इसके तहत इच्छुक सेवानिवृत्त कर्मियों को 31 तारीख तक संबंधित जिले के अपर समाहर्ता कार्यालय में पेंशन प्राधिकार और पहचान पत्र के साथ उपस्थित होने को कहा गया है। निर्धारित मापदंडों के अनुरूप ही इनका नियोजन किया जाएगा।

हड़ताल से प्रभावित हो रही व्यवस्था

उल्लेखनीय है कि बिहार में राजस्व कर्मचारी पिछले दो महीनों से विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इसके चलते अंचल स्तर पर जमीन संबंधित सभी कार्य बाधित हैं। विभाग की ओर से कई बार कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। अब सरकार की ओर से पंचायत सचिवों और अमीनों के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर कार्यों को सुचारु करने की कोशिश की जा रही है।

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