सर्वेक्षण में हुआ नुकसान का खुलासा
राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का गहन सर्वेक्षण किया। रिपोर्ट के अनुसार सोरांव के 19 गांवों में 4,986 किसान प्रभावित हुए और 857 हेक्टेयर फसलें नष्ट हुईं, जिससे ₹7.3 मिलियन का नुकसान हुआ।
फूलपुर में 20 गांवों के 1,115 किसानों की 364 हेक्टेयर फसलें बर्बाद हुईं, जिसका अनुमानित नुकसान ₹3.09 मिलियन बताया गया। बारा के 9 गांवों में 236 किसानों की 105.6 हेक्टेयर फसलें डूब गईं, जिससे ₹3.22 मिलियन का नुकसान हुआ। मेजा तहसील के एक गांव में 251 किसानों की 307 हेक्टेयर फसल खत्म हो गई, जिससे ₹61.36 लाख का आर्थिक नुकसान हुआ। कुल मिलाकर, ₹2.17 करोड़ से अधिक मूल्य की फसलें पानी में बह गईं।
मुआवज़ा वितरण शुरू, किसानों को राहत
ज़िला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा के अनुसार, सरकार ने प्रभावित किसानों को मुआवज़ा देना शुरू कर दिया है। बड़ी संख्या में किसानों को सहायता राशि उनके खातों में जमा की जा चुकी है, और बाकी किसानों को जल्द ही भुगतान किया जाएगा।
पशुधन और मकानों को भी नुकसान, सरकार ने दी राहत
प्राकृतिक आपदाओं में पशुओं की भी मौत हुई, जिनके लिए ₹10 लाख का मुआवज़ा दिया गया है। इसके अलावा: 301 घरों को बारिश से नुकसान हुआ, जिन्हें ₹15.06 लाख की सहायता मिली। तूफान से प्रभावित एक घर को ₹4 हजार की आर्थिक मदद दी गई।

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