मोदी राज में कितनी बढ़ी भारत की GDP? देखें पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली। भारत की आर्थिक प्रगति को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की GDP (सकल घरेलू उत्पाद) में कितना विकास हुआ है। पिछले एक दशक में मोदी सरकार ने कई बड़े आर्थिक सुधार किए हैं, जिनका असर देश की आर्थिक ग्रोथ पर साफ देखा जा सकता है। इस रिपोर्ट में हम विस्तार से जानेंगे कि मोदी राज में भारत की GDP कितनी बढ़ी और किन कारणों से यह वृद्धि संभव हो पाई।

आर्थिक आकार और रैंकिंग में जबरदस्त उछाल

2014 में भारत दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन सितंबर 2025 तक भारत ने चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का गौरव हासिल कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुसार, भारत की GDP लगभग दोगुनी हो चुकी है।

2014 में जब नरेंद्र मोदी भारत की कमान संभाले तब भारत की GDP लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर थी। वहीं,  मार्च 2025 तक भारत की GDP लगभग 4.2 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुकी हैं। यह वृद्धि भारत की वैश्विक आर्थिक ताकत को दर्शाती है और देश को विश्व के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में शामिल करती है।

मोदी राज में भारत की आर्थिक परिदृश्य

2014 में जब नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने, तब भारत की आर्थिक वृद्धि दर लगभग 7.4% के करीब थी। तब से लेकर अब तक, भारत ने आर्थिक क्षेत्र में कई मील के पत्थर पार किए हैं। विशेष रूप से, डिजिटलीकरण, मेक इन इंडिया, GST लागू करना, और विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने जैसे कदमों ने देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाया।

GDP वृद्धि के आंकड़े

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल (2014-2019) में भारत की GDP औसतन 7.5% तक रही, जो विश्व के बड़े देशों में सबसे तेज़ वृद्धि थी। दूसरे कार्यकाल (2019-2024) में भले ही कोविड-19 महामारी और वैश्विक आर्थिक मंदी का प्रभाव पड़ा, लेकिन भारत ने तेजी से रिकवरी करते हुए 2022-23 में 7.2% से अधिक की वृद्धि दर्ज की। 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत ने 7.8% की GDP वृद्धि दर दर्ज की, जो पिछले पांच तिमाहियों में सबसे अधिक है।

कुछ प्रमुख आंकड़े:

2014-15: 7.4%, 

2015-16: 8.0% (सबसे तेज़ ग्रोथ)

2019-20: लगभग 4.0% (कोविड से पहले मंदी का असर)

2020-21: -7.3% (कोविड-19 लॉकडाउन के कारण)

2021-22: 8.7% (तेजी से रिकवरी)

2022-23: लगभग 7.2%

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