1. बीसी सखी और ग्राम पंचायत में आर्थिक सशक्तिकरण
राज्य की 58,000 ग्राम पंचायतों में 39,880 बीसी सखी महिलाओं ने 39,000 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया। इससे लगभग 107 करोड़ रुपये का लाभ महिलाओं तक पहुंचा। यह योजना महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने में सहायक साबित हो रही है।
2. दुग्ध उत्पादन में महिला सहभागिता
महिला सामर्थ्य योजना के तहत पांच मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों का गठन किया गया है। गोरखपुर, बरेली और रायबरेली में दुग्ध संग्रहण और विपणन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि प्रयागराज और लखनऊ में कंपनियों का गठन प्रस्तावित है। यह कदम महिला किसानों और उद्यमियों को रोजगार और आय का नया अवसर देगा।
3. महिला गन्ना किसानों के लिए सुविधा
प्रदेश की लगभग 60,000 महिला गन्ना किसानों को पर्ची निर्गमन में प्राथमिकता दी जा रही है। इससे किसानों को समय पर भुगतान और अन्य लाभ आसानी से मिल सकेंगे।
4. सेफ सिटी और वर्किंग वूमेन हॉस्टल
सार्वजनिक स्थलों और कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेफ सिटी परियोजना के तहत महिला पुलिस बीट, व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क और एंटी रोमियों स्क्वाड की तैनाती की जा रही है। इसके साथ ही वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण भी किया जा रहा है, ताकि कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक निवास उपलब्ध हो।
5. मिशन शक्ति: सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार
मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाओं की आत्मनिर्भरता बढ़ाने और सामाजिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं को एकीकृत किया गया है। इस पहल से महिलाओं को जीवन के हर क्षेत्र में अधिक अवसर और सुरक्षा मिलेगी।
6. मुख्यमंत्री सुमंगला योजना
मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के अंतर्गत जनवरी 2026 तक 26.81 लाख बालिकाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। यह योजना शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में बालिकाओं के विकास को बढ़ावा देती है।

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