1. इंजीनियरिंग कॉलेजों में एआई की पढ़ाई
राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसका उद्देश्य छात्रों को नई तकनीकों से जोड़ना और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। इस दिशा में आईटी उद्योग के प्रमुख संगठन NASSCOM के साथ समझौता (MoU) भी किया गया है।
इससे छात्रों को स्किल डेवलपमेंट, इंडस्ट्री एक्सपोजर और बेहतर प्लेसमेंट के अवसर मिल सकेंगे। इसके अलावा, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की ऑनलाइन डाउनलोड सुविधा समेत कई डिजिटल सेवाओं के लिए केंद्र सरकार एक मॉडल विकसित कर रही है, जिससे छात्रों को कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी।
2. बड़े पैमाने पर नियुक्तियां और शिक्षक प्रशिक्षण
राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टीआरई-4 के तहत 45 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए 7 हजार विशेष शिक्षकों की बहाली होगी। इसके अतिरिक्त 935 सहायक विकास शिक्षा पदाधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे।
सरकार ने यह भी तय किया है कि राज्य के 5.87 लाख शिक्षकों को वर्ष में दो बार SCERT के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे शिक्षण गुणवत्ता में सुधार और आधुनिक पद्धतियों का इस्तेमाल सुनिश्चित होगा।
3. मॉडल स्कूल और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
‘सात निश्चय-3’ योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में मॉडल स्कूलों की स्थापना की जाएगी। साथ ही पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है।
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति लागू है और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जा रही है।

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