खुरपका-मुंहपका पर खास फोकस
टीकाकरण अभियान के तहत गाय और भैंस जैसे घरेलू पशुओं का घर-घर जाकर टीकाकरण किया जा रहा है। खुरपका-मुंहपका रोग से पशुओं में गंभीर नुकसान हो सकता है, इसलिए इस कदम से किसानों की आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत होगी।
छह चरणों में पूरे राज्य में टीकाकरण
इस अभियान को छह चरणों में पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है।
पहला चरण: 2 फरवरी से गोपालगंज, नालंदा, शेखपुरा, वैशाली, नवादा, सिवान, अररिया, बांका, भागलपुर, किशनगंज, मधेपुरा और पूर्णिया में शुरू।
दूसरा चरण: 7 फरवरी से बेगूसराय, कैमूर, कटिहार और सारण में।
तीसरा चरण: 10 फरवरी से शिवहर, जहानाबाद, अरवल, पश्चिम चंपारण, खगड़िया, लखीसराय एवं दरभंगा में।
चौथा चरण: 16 फरवरी से मुंगेर, समस्तीपुर, सहरसा, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और गया जिले में।
पांचवा चरण: 18 फरवरी से सीतामढ़ी, जमुई, सुपौल और मधुबनी में।
छठा चरण: अभियान का अंतिम चरण भी 18 फरवरी से प्रारंभ होगा, ताकि राज्य के सभी जिलों में पशुओं को कवर किया जा सके।
जनप्रतिनिधियों की देखरेख में अभियान
टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिला परिषद सदस्यों, मुखिया, पंचायत समिति और वार्ड सदस्यों की देखरेख में कार्य किया जा रहा है। पशुपालन निदेशालय ने किसानों से आग्रह किया है कि अगर किसी पशु का टीकाकरण नहीं हुआ या अभियान के दौरान किसी प्रकार की राशि मांगी जाए, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
इस संदर्भ में सरकार का उद्देश्य
डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग ने सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों से इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग का आग्रह किया है। इस पहल से न केवल पशुओं का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा, बल्कि किसानों की आमदनी और पशुपालन व्यवसाय की स्थिरता भी मजबूत होगी।

0 comments:
Post a Comment