बजट में कितना पैसा और कहां होगा खर्च
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की डिमांड फॉर ग्रांट्स में आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के लिए 23.42 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसमें से लगभग 21.32 करोड़ रुपए राजस्व व्यय और 2.10 करोड़ रुपए पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित किए गए हैं। यह राशि आयोग के गठन, स्टाफ, ऑफिस संचालन, रिसर्च और प्रशासनिक खर्चों के लिए है। अभी यह राशि वेतन बढ़ोतरी के लिए नहीं है, बल्कि आयोग के कामकाज को शुरू करने की तैयारी है।
क्या होगा असर?
आयोग आने वाले समय में करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स की सैलरी और पेंशन संरचना की समीक्षा करेगा। वेतन आयोग की सिफारिशें आम तौर पर महंगाई, जीवन-यापन लागत, कर्मचारियों की जरूरत और सरकार की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए तैयार होती हैं। इसके बाद बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, भत्ते और पेंशन में बदलाव किए जाते हैं।
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए इसका मतलब है कि भविष्य में बेसिक वेतन बढ़ने की संभावना है, जिससे DA, HRA और अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी होगी। पेंशनर्स के लिए नई सिफारिशों के लागू होने पर बेसिक और फैमिली पेंशन में वृद्धि संभव है।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पेटल ने कहा कि आयोग के कामकाज के लिए फंड जारी हो चुका है और उम्मीद है कि 200 दिनों के भीतर रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंप दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले ही आयोग के गठन और फंड जारी करने में देरी हुई थी, जिससे कर्मचारियों का भरोसा कमजोर हुआ था।

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