1. MQ-9 रीपर (अमेरिका/भारत)
MQ-9 रीपर को दुनिया का सबसे शक्तिशाली ड्रोन माना जाता है। यह 1700 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकता है, जिसमें हेलफायर मिसाइल, JDAM और GBU-12 बम शामिल हैं। इसकी उड़ान क्षमता 27 घंटे तक है और रेंज 1,000 समुद्री मील से अधिक है। इसे अमेरिका, फ्रांस, यूके, इटली, नीदरलैंड, स्पेन और भारत सहित कई देशों द्वारा ऑपरेट किया जाता है।
2. बेराकटार TB2 (तुर्की)
तुर्की का बेराकटार TB2 ड्रोन किफायती और तेजी से तैनात किया जा सकता है। यह 150 किलोग्राम पेलोड ले सकता है, जिसमें MAM-L और MAM-C निर्देशित हथियार शामिल हैं। TB2 ड्रोन दुश्मन पर घातक हमला करने के साथ-साथ खुफिया और निगरानी मिशन भी अंजाम दे सकता है। इसका इस्तेमाल सीरिया, लीबिया, नागोर्नो-कराबाख और यूक्रेन में युद्ध में किया गया है।
3. TAI अंका (तुर्की)
TAI अंका TB2 से अधिक समय तक उड़ान भर सकता है और इसमें SAR/EO/IR टोही सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमताएं शामिल हैं। यह ड्रोन 359 किलोग्राम पेलोड ले सकता है और लगातार 30 घंटे तक उड़ान भर सकता है। इसका इस्तेमाल तुर्की ने सीरिया और लीबिया में किया है।
4. CAIG विंग लूंग II (चीन)
चीन का CAIG विंग लूंग II MQ-9 का किफायती विकल्प माना जाता है। यह 480 किलोग्राम पेलोड ले सकता है, जिसमें HJ-10 एंटी-टैंक मिसाइल और गाइडेड बम शामिल हैं। विंग लूंग II ड्रोन 32 घंटे तक उड़ सकता है और इसका इस्तेमाल खुफिया, निगरानी और स्ट्राइक मिशन के लिए किया जाता है। इस ड्रोन का उपयोग सऊदी अरब, मिस्र, UAE और पाकिस्तान सहित कई देशों द्वारा किया जा रहा है।
5. क्रोनश्टैड ओरियन (रूस)
रूस का क्रोनश्टैड ओरियन पहला स्वदेशी विकसित मध्यम ऊंचाई वाला, लंबे समय तक उड़ने वाला लड़ाकू ड्रोन है। यह 250 किलोग्राम पेलोड ले सकता है, जिसमें KAB-20 और KAB-50 गाइडेड बम और Vikhr-1 एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल शामिल हैं। यह ड्रोन 24 घंटे तक उड़ान भर सकता है और रूस में युद्ध मिशनों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

0 comments:
Post a Comment