पहले SAP में भर्ती केवल भारतीय सेना के रिटायर्ड जवानों तक सीमित थी, लेकिन नई नीति से अनुभवी अर्धसैनिक कर्मियों को भी सीधे नियुक्ति दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे पुलिसिंग में तेजी आएगी और कानून-व्यवस्था में सुधार होगा।
भर्ती के साथ ही वेतन में भी बढ़ोतरी की योजना है। जूनियर कमीशंड ऑफिसरों का वेतन 35,000 से बढ़ाकर 40,000 रुपये मासिक किया जाएगा, जबकि SAP जवानों का मानदेय 25,000 से बढ़कर 30,000 रुपये होगा। इस कदम से राज्य के खजाने पर सालाना लगभग 642 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा, जिसमें अधिकारी, जवान और अन्य पद शामिल हैं।
बिहार की बड़ी आबादी को देखते हुए पुलिसिंग की मजबूती बेहद जरूरी है। नए नियुक्त जवानों के आने से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि जनता को भी अधिक सुरक्षित माहौल मिलेगा। सरकार का यह कदम राज्य में कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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