भारत ने तय किया: जहां सस्ता तेल मिलेगा, वहीं से आपूर्ति जारी

नई दिल्ली। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत सस्ते और उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे तेल वाले देशों से खरीदारी जारी रखेगा। मंगलवार को यह जानकारी विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति को दी गई। अधिकारियों ने बताया कि तेल खरीद में भू-राजनीतिक स्थिति और गैर-प्रतिबंधित स्रोतों को भी ध्यान में रखा जाएगा, ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा पर कोई असर न पड़े।

संसदीय समिति में खुलकर हुई चर्चा

बैठक का नेतृत्व कांग्रेस नेता शशि थरूर ने किया। बैठक में विदेश मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। थरूर ने कहा कि यह तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक अत्यंत प्रभावी रही, जिसमें 30 में 28 सदस्यों ने भाग लिया। थरूर ने संवाददाताओं से कहा कि अधिकारियों ने हर सवाल का विस्तार और आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, जो समिति के कामकाज का उत्कृष्ट उदाहरण है।

रूसी तेल- कृषि उत्पादों पर ध्यान

बैठक के दौरान रूसी तेल और कृषि उत्पादों से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने सांसदों को बताया कि भारत अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौतों को लेकर लगातार काम कर रहा है। इसके तहत अंतरिम समझौते अंतिम रूप देने और व्यापार शुल्क जैसे विषयों पर रणनीति बनाई जा रही है।

व्यापार को हथियार बनाने के प्रयास

शशि थरूर ने बैठक में कहा कि अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य में कभी-कभी व्यापार को राजनीतिक और आर्थिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अमेरिका द्वारा लगाए गए 18 प्रतिशत के जवाबी शुल्क इसी तरह की रणनीति का हिस्सा हैं।

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