सोना-चांदी के भाव में गिरावट का कारण
पिछले हफ्ते सोने की कीमत ₹1,80,000 से गिरकर ₹1,55,000 के करीब आ गई थी, जबकि चांदी में प्रति किलो लगभग ₹50,000 की कमी दर्ज की गई। इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह डॉलर की मजबूती, वैश्विक एक्सचेंजों में मार्जिन में वृद्धि और प्रॉफिट बुकिंग मानी जा रही है। निवेशक बजट से पहले जोखिम कम करने के लिए अपने निवेश को लेकर सतर्क नजर आए।
Budget के बाद क्या हो सकते हैं भाव
विशेषज्ञों के अनुसार, Budget के बाद सोना और चांदी दोनों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अगर बजट में कस्टम ड्यूटी में राहत मिलती है तो कीमतों में और गिरावट आ सकती है, जबकि ड्यूटी बढ़ने या स्थिर रहने पर सोने और चांदी के भाव में बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि लंबी अवधि के लिए अभी भी सोने और चांदी का बुलिश ट्रेंड (मूल्य बढ़ने की संभावना) माना जा रहा है, क्योंकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं और मुद्रास्फीति की चिंताएं बनी हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति
विदेशी बाजार में भी सोने और चांदी दोनों में गिरावट का रुख रहा। अप्रैल डिलीवरी वाले सोने ने 5,480 डॉलर/औंस का उच्चतम स्तर छुआ था, लेकिन बाद में यह 4,763 डॉलर/औंस तक नीचे आ गया। चांदी में तो और भी तेज गिरावट देखने को मिली। मार्च डिलीवरी वाली चांदी ने 118.34 डॉलर/औंस का आंकड़ा पार किया था, लेकिन अब यह 78.83 डॉलर/औंस पर आ गई है। ट्रेडिंग के दौरान यह 74.15 डॉलर/औंस तक भी जा पहुंची।

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