बिहार में बढ़ा प्रॉपर्टी टैक्स, किराया मूल्य में 15% की वृद्धि लागू

पटना। पटना नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति मालिकों के लिए एक अहम बदलाव किया गया है। अब शहर में संपत्ति कर की गणना के लिए इस्तेमाल होने वाले वार्षिक किराया मूल्य (ARV) में 15 प्रतिशत की वृद्धि लागू कर दी गई है। नगर विकास एवं आवास विभाग से मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम ने नई दरों को लागू करने का आदेश जारी किया है। संशोधित दरें 24 जून से प्रभावी हो गई हैं। खास बात यह है कि लंबे समय बाद एआरवी में बदलाव किया गया है।

पहली बार इतने वर्षों बाद बदला एआरवी

नगर निगम के अनुसार, बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के तहत हर पांच साल में किराया मूल्य में न्यूनतम वृद्धि का प्रावधान है। इसी नियम के आधार पर अब नई दरें लागू की गई हैं। नगर निगम का कहना है कि इससे शहर के राजस्व में बढ़ोतरी होगी और प्राप्त राशि का इस्तेमाल नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।

बढ़े हुए राजस्व से सुधरेंगी सुविधाएं

नगर निगम के मुताबिक अतिरिक्त आय का उपयोग शहर की कई जरूरतों में किया जाएगा। इसमें सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट और अन्य शहरी सुविधाओं को मजबूत करना शामिल है। हालांकि संपत्ति मालिकों पर टैक्स का बोझ बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस फैसले पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया आ सकती है।

संपत्ति कर कैसे तय होगा?

पटना नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति कर का निर्धारण वार्षिक किराया मूल्य के आधार पर होता है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार एआरवी का 9 प्रतिशत संपत्ति कर के रूप में लिया जाता है। टैक्स तय करते समय कई बातों को ध्यान में रखा जाता है, जैसे: संपत्ति का उपयोग (आवासीय, व्यावसायिक या अन्य), सड़क की श्रेणी, भवन का प्रकार, क्षेत्र की स्थिति। 

सड़कों को तीन श्रेणियों में बांटा गया

संपत्ति कर निर्धारण को आसान बनाने के लिए सड़कों का वर्गीकरण किया गया है।

प्रधान मुख्य सड़क: 40 फीट से अधिक चौड़ी सड़कें

मुख्य सड़क: 20 से 40 फीट तक चौड़ी सड़कें

अन्य सड़क: 20 फीट से कम चौड़ी सड़कें

सड़क की श्रेणी के अनुसार ही संपत्ति के एआरवी में अंतर तय होगा।

भवन के प्रकार के हिसाब से भी अलग दर

नई व्यवस्था में भवन की बनावट के आधार पर भी किराया मूल्य तय किया गया है। आरसीसी छत वाले पक्के भवन, एस्बेस्टस या कोरोगेटेड छत वाले भवन और अन्य प्रकार के भवनों के लिए अलग-अलग दरें लागू होंगी। इसके अलावा आवासीय, व्यावसायिक और अन्य उपयोग वाली संपत्तियों के लिए भी अलग दर निर्धारित की गई है।

एकमुश्त भुगतान पर मिलेगी छूट

नगर निगम ने करदाताओं को राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 30 जून तक एकमुश्त संपत्ति कर जमा करने पर 5 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है। निगम ने लोगों से समय पर टैक्स भुगतान कर इस सुविधा का लाभ लेने की अपील की है।

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