लखनऊ में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस योजना से जुड़ा अनुमोदन पत्र सौंपा। बैठक में ग्रामीण आवास के साथ-साथ किसानों से जुड़े अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
ग्रामीण परिवारों का बदलेगा जीवन
केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और मजबूत घर उपलब्ध कराया जाए। यूपी के लिए स्वीकृत इन मकानों के बनने से लाखों लोगों को बारिश, ठंड और गर्मी में कच्चे घरों की परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
2024-29 के चरण में बनेंगे 2 करोड़ घर
सरकार ने पीएम आवास योजना-ग्रामीण के नए चरण की शुरुआत वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक के लिए की है। इस अवधि में देशभर में 2 करोड़ अतिरिक्त पक्के मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तर प्रदेश को मिली यह मंजूरी इसी बड़े अभियान का हिस्सा है।
पात्र परिवारों की पहचान पूरी
ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों की पहचान के लिए सर्वे का काम पूरा किया जा चुका है। सर्वे के आधार पर ऐसे परिवारों को चिन्हित किया गया है, जो आवास योजना के लिए योग्य हैं। अब इन्हीं पात्र लोगों को चरणबद्ध तरीके से घरों की स्वीकृति दी जाएगी।
किसानों को भी मिली राहत
बैठक में किसानों के हित से जुड़ा एक और बड़ा फैसला सामने आया। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं, चना और मसूर जैसी फसलों की एमएसपी पर खरीद अवधि बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। केंद्र के इस फैसले से जहां एक तरफ ग्रामीण परिवारों के अपने पक्के घर का सपना पूरा होने की उम्मीद बढ़ी है, वहीं किसानों को भी खरीद प्रक्रिया में राहत मिलने जा रही है।
.jpg)
0 comments:
Post a Comment