यूपी में ग्राम प्रधानों के लिए बदले नियम, नए निर्देश लागू

अमेठी। उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों के कामकाज को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ने के बाद अब शासन ने उनके काम करने के तरीके को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब ग्राम प्रधान पहले की तरह अपनी मुहर से सभी काम नहीं करा सकेंगे।

नई गाइडलाइन के अनुसार ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों पर अब प्रशासक की मुहर लगेगी। हालांकि गांव के जरूरी छोटे काम जैसे हैंडपंप की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट ठीक कराना जैसे कार्य कराए जा सकेंगे, लेकिन इसके लिए भी नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इन कामों के लिए तैयार की गई पत्रावली को संबंधित अधिकारियों के पास भेजकर अनुमति लेनी होगी। वहीं सड़क निर्माण, नाली निर्माण और अन्य बड़े विकास कार्यों के लिए जिलाधिकारी की मंजूरी जरूरी होगी।

पहले से चल रहे काम रहेंगे जारी

शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो विकास कार्य पहले से निर्माणाधीन हैं, उन्हें रोकने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे कार्यों को जारी रखा जा सकता है। वहीं ग्राम पंचायत की खुली बैठकों में पास हुए प्रस्तावों पर भी नियमों के अनुसार काम कराया जाएगा। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद बढ़ाए जाने से पंचायतों में विकास कार्यों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। नई गाइडलाइन आने के बाद अब पंचायतों में रुके हुए काम दोबारा शुरू हो सकेंगे।

पंचायतों में बढ़ेगी निगरानी

नई व्यवस्था का उद्देश्य ग्राम पंचायतों के कामों में पारदर्शिता लाना और विकास कार्यों को नियमों के अनुसार कराना है। अब किसी भी बड़े काम को शुरू करने से पहले अधिकारियों की मंजूरी लेनी होगी। इस बदलाव से ग्राम प्रधानों की भूमिका पहले जैसी नहीं रहेगी। अब विकास कार्यों में प्रशासक और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी ज्यादा होगी, जिससे पंचायत स्तर पर होने वाले कार्यों की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से चलेगी।

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