बिहार में बनेगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, 6 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के लिए सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। राज्य के पहले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। नेशनल एक्सप्रेसवे-9 (NE-9) के नाम से बनने वाली यह सड़क बिहार के अंदर ही पूरी तरह विकसित की जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद राज्य के कई जिलों में आवागमन आसान होने के साथ-साथ व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।

यह एक्सप्रेसवे हाजीपुर से शुरू होकर पूर्णिया तक जाएगा। करीब 247 से 282 किलोमीटर लंबे इस 6 लेन एक्सप्रेसवे के निर्माण में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। सरकार ने इसे हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत बनाने की योजना तैयार की है।

6 जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बिहार के छह जिलों से होकर गुजरेगा। इसमें वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया शामिल हैं। इस परियोजना से खासकर कोसी और सीमांचल क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे का शुरुआती बिंदु वैशाली जिले के हाजीपुर क्षेत्र में होगा, जबकि इसका अंतिम छोर पूर्णिया के डगरुआ इलाके में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जुड़ेगा।

पटना से पूर्णिया की दूरी होगी कम

इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यात्रा का समय काफी घट जाएगा। अभी सड़क मार्ग से पटना से पूर्णिया पहुंचने में कई घंटे लगते हैं, लेकिन नई तेज रफ्तार सड़क बनने के बाद यह सफर करीब 3 घंटे के आसपास पूरा होने की संभावना है। इस सड़क पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकेंगे।

तीन चरणों में पूरा होगा निर्माण

पहले चरण में हाजीपुर से समस्तीपुर तक सड़क का निर्माण किया जाएगा। दूसरे चरण में समस्तीपुर से सहरसा तक काम होगा, जिसमें कोसी नदी पर कई पुल भी बनाए जाएंगे। तीसरे चरण में सहरसा से पूर्णिया तक एक्सप्रेसवे तैयार किया जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट में बड़े पुल, छोटे पुल, रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास बनाए जाएंगे।

जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की तैयारी शुरू कर दी गई है। छह जिलों के कई प्रखंडों और गांवों की जमीन इस परियोजना के लिए ली जाएगी। प्रशासन की ओर से जमीन की जांच और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं।

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