निबंधन विभाग की ओर से जमीन के मूल्यांकन में बदलाव किया गया है, जिसके बाद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नई दरें तय की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत अब सभी रजिस्ट्री कार्य नई निर्धारित दरों के हिसाब से पूरे किए जा रहे हैं।
शहरी इलाकों में दोगुना हुआ सर्किल रेट
सरकार की नई अधिसूचना के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में जमीन का सर्किल रेट पहले की तुलना में बढ़ाया गया है। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी जमीन की सरकारी कीमत में वृद्धि की गई है। इसका सीधा असर जमीन की रजिस्ट्री के खर्च पर पड़ेगा। नई दर लागू होने के बाद बाढ़ निबंधन कार्यालय में पहले ही दिन करीब 20 जमीनों की रजिस्ट्री नई कीमतों के अनुसार पूरी की गई।
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, बढ़ेगी पारदर्शिता
अधिकारियों ने बताया कि जमीन निबंधन की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जा रही है। इससे काम में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी। लोगों को आवेदन, दस्तावेज और भुगतान प्रक्रिया में भी पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।
हेल्प डेस्क से लेकर बैंक सुविधा तक उपलब्ध
लोगों की सहायता के लिए कार्यालय में 'मे आई हेल्प यू' काउंटर बनाया गया है। यहां आने वाले लोगों को रजिस्ट्री और अन्य प्रक्रियाओं से जुड़ी जानकारी दी जाती है। इसके अलावा परिसर में बैंक सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे चालान और भुगतान के लिए लोगों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
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