15 अगस्त के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि खास महाल जमीन के मामले में सरकार जल्द ही आगे की कार्रवाई शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के बाद पहले चरण में खास महाल जमीन के होल्डरों के साथ बैठक की जाएगी। इसमें लोगों की राय ली जाएगी और उनकी समस्याओं को समझने के बाद आगे की नीति तैयार होगी।
करीब 4,200 एकड़ खास महाल जमीन
राज्य में खास महाल जमीन का क्षेत्रफल लगभग 4,193 एकड़ बताया जाता है। यह जमीन बिहार के करीब 12 जिलों में फैली हुई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा राजधानी पटना में है, जहां लगभग 137 एकड़ खास महाल भूमि मौजूद है।
फ्री होल्ड का मिल सकता है विकल्प
मौजूदा व्यवस्था में लीजधारक जमीन को बेचने, ट्रांसफर करने या निर्माण करने के लिए सरकार की अनुमति लेने के लिए बाध्य होते हैं। नई नीति बनने के बाद सरकार इस बात पर विचार कर सकती है कि किन नियमों और शुल्क के आधार पर इन जमीनों को फ्री होल्ड किया जा सकता है। अगर सरकार कोई नई व्यवस्था लागू करती है तो इससे लंबे समय से जमीन पर रह रहे लोगों को स्थायी अधिकार मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।

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