सरकार ने इन सभी देयकों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों से लंबित मामलों की पूरी जानकारी मांगी गई है, ताकि भुगतान में देरी की समस्या को दूर किया जा सके।
सेवानिवृत्त शिक्षकों के मामलों की मांगी गई रिपोर्ट
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और क्षेत्रीय अधिकारियों से रिटायर शिक्षकों के भुगतान से जुड़े मामलों का विवरण मांगा है। अधिकारियों को यह बताना होगा कि कितने मामलों का निपटारा हो चुका है और कितने अभी लंबित हैं। खास तौर पर शैक्षणिक सत्र 2025-26 में सेवानिवृत्त हुए प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को मिलने वाले पेंशन, जीपीएफ और ग्रेच्युटी भुगतान की स्थिति की जानकारी तय प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
समय पर मिलेगी पेंशन और अन्य सुविधाएं
अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सभी भुगतान समय पर पूरे किए जाएं। सरकार का उद्देश्य है कि रिटायरमेंट के बाद शिक्षकों को आर्थिक मामलों के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भी जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है।
शिक्षकों को मिलेगा सीधा फायदा
इस पहल से उन शिक्षकों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा, जो रिटायरमेंट के बाद अपने पेंशन और अन्य लाभों के लिए लंबे समय से प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। विभाग की निगरानी बढ़ने से भुगतान प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। सरकार की कोशिश है कि सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके अधिकारों का लाभ बिना देरी और आसानी से मिल सके।

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