इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है, जो दूरदराज और सुविधाओं से वंचित इलाकों में रहते हैं। छात्रावासों में रहने, खाने और पढ़ाई की जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा में सुधार हो सके।
14 जिलों में तैयार होंगे नए छात्रावास
सरकार की योजना के तहत राज्य के 14 जिलों में कुल 34 आवासीय छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। इनमें से 19 छात्रावास धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत बनाए जाएंगे, जबकि 15 छात्रावास पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत तैयार होंगे।
धरती आबा अभियान के तहत पश्चिम चंपारण, कटिहार, बांका, भागलपुर, जमुई, कैमूर, रोहतास और पूर्णिया में छात्रावास बनाए जाएंगे। वहीं पीएम-जनमन योजना के तहत कैमूर, किशनगंज, कटिहार, मधेपुरा, भागलपुर और पूर्णिया जिलों को शामिल किया गया है।
100 छात्रों की क्षमता वाले होंगे छात्रावास
इन आवासीय छात्रावासों में करीब 100-100 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था होगी। यहां 15 से 18 वर्ष की उम्र के छात्रों को सुरक्षित माहौल, भोजन, आवास और पढ़ाई से जुड़ी सुविधाएं मिलेंगी। सरकार इन छात्रावासों का संचालन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास की व्यवस्था की तर्ज पर करने की तैयारी में है।
कमजोर जनजातीय समुदायों को मिलेगा लाभ
पीएम-जनमन योजना के तहत बनने वाले छात्रावासों से उन समुदायों के बच्चों को फायदा मिलेगा, जिनके लिए शिक्षा तक पहुंच अभी भी चुनौती बनी हुई है। इनमें असुर, बिरहोर, बिरजिया, हिल खड़िया, माल पहाड़िया, सौरिया पहाड़िया, महली और सवर जैसी जनजातियां शामिल हैं।
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