बायोमीट्रिक उपस्थिति होगी अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत केवल वही शिक्षक और कर्मचारी अनुदान राशि के पात्र होंगे, जो संबंधित संस्थान में विधिवत नियुक्त हैं और नियमित रूप से अपनी बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज करेंगे। विभाग का मानना है कि इससे वास्तविक रूप से कार्यरत कर्मचारियों तक ही अनुदान का लाभ पहुंचेगा और व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।
चार श्रेणियों में किया गया वर्गीकरण
शिक्षा विभाग ने पद के आधार पर शिक्षकों और कर्मचारियों को चार श्रेणियों में विभाजित किया है।
पहली श्रेणी: प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक
दूसरी श्रेणी: शिक्षक और व्याख्याता
तीसरी श्रेणी: प्रयोगशाला तकनीशियन, कंप्यूटर सहायक, पुस्तकालयाध्यक्ष और कार्यालय सहायक
चौथी श्रेणी: केयरटेकर, कार्यालय परिचारी और गार्ड
इसी वर्गीकरण के अनुसार अनुदान राशि का वितरण तय किया जाएगा।
नियमित कार्य और उपस्थिति का मिलेगा लाभ
अनुदान राशि का वितरण केवल पद के आधार पर ही नहीं, बल्कि नियमित उपस्थिति और कार्यरत होने की स्थिति को भी ध्यान में रखकर किया जाएगा। संस्थान में गठित समिति विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी पात्र कर्मचारियों के बीच राशि का अनुपातिक वितरण सुनिश्चित करेगी।
बैंक खाते में होगा राशि का पूरा भुगतान
शिक्षा विभाग ने भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए स्पष्ट किया है कि अनुदान की राशि सीधे बैंक खाते के माध्यम से अकाउंट पेयी चेक द्वारा दी जाएगी। इससे भुगतान प्रक्रिया सुरक्षित और रिकॉर्ड आधारित रहेगी।

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