बिहार में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की मैपिंग शुरू, इन जिलों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में सड़क अवसंरचना को नई मजबूती देने वाली पटना–सासाराम ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना अब निर्माण की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ गई है। परियोजना के तहत भोजपुर जिले के कोईलवर अंचल में एलाइनमेंट मैपिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद पटना, भोजपुर, रोहतास और आसपास के जिलों के लोगों को तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिलने की उम्मीद है।

कोईलवर क्षेत्र में शुरू हुई एलाइनमेंट मैपिंग

परियोजना के तहत कोसीहान मौजा में एलाइनमेंट की मैपिंग का कार्य शुरू किया गया। शुरुआती चरण में कुछ किसानों ने मुआवजा निर्धारण को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। उनका कहना था कि जिन भूखंडों पर वर्तमान में मकान बने हुए हैं, उनका मुआवजा आवासीय दर से मिलना चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद मैपिंग का कार्य आगे बढ़ सका।

3,750 करोड़ रुपये की है ये परियोजना

करीब 3,750 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पटना जिले के सदीसोपुर से रोहतास जिले के सासाराम (सुअरा) तक बनाया जाएगा। परियोजना को 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद पटना से सासाराम तक की यात्रा पहले की तुलना में काफी तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।

कई गांवों और क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

यह एक्सप्रेसवे कोईलवर अंचल के खनगांव, कोसीहान, मानपुर, गुंडी और जलपुरा जैसे क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। परियोजना के तहत खनगांव के पास सोन नदी पर छह लेन का आधुनिक पुल भी बनाया जाएगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी।

व्यापार और विकास को नई रफ्तार

एक्सप्रेसवे बनने से पटना, भोजपुर और रोहतास के बीच माल परिवहन आसान होगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क से निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं। सरकार का मानना है कि यह परियोजना राज्य के आर्थिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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