क्यों लागू किए गए थे विशेष नियंत्रण?
कुछ समय पहले पश्चिम एशिया में बढ़े संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो गई थी। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) के जहाजों की आवाजाही बाधित होने लगी थी। इसके चलते भारत में प्राकृतिक गैस की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई थी।
ऐसी स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने प्राकृतिक गैस के उत्पादन, आवंटन और वितरण पर अस्थायी नियंत्रण लागू किए थे, ताकि बिजली उत्पादन, उर्वरक उद्योग, सीएनजी और घरेलू गैस जैसी आवश्यक सेवाओं को निर्बाध आपूर्ति मिलती रहे।
अब क्यों हटाए गए प्रतिबंध?
सरकार के अनुसार, पश्चिम एशिया में संघर्षविराम लागू होने के बाद हालात में सुधार आया है। क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए बातचीत जारी है और होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री परिवहन भी सामान्य होने लगा है। इससे एलएनजी की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति में सुधार हुआ है और भारत के लिए गैस उपलब्धता पहले की तुलना में अधिक स्थिर हो गई है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने प्राकृतिक गैस आपूर्ति पर लगाए गए आपातकालीन नियंत्रण समाप्त करने का निर्णय लिया है।
उपभोक्ताओं को फायदा?
सरकार के इस फैसले से देश में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है। इससे शहरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG), सीएनजी नेटवर्क और उद्योगों को गैस उपलब्ध कराने में आसानी होगी। साथ ही एलपीजी वितरण व्यवस्था पर भी अप्रत्यक्ष रूप से सकारात्मक असर पड़ सकता है, क्योंकि ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला अधिक संतुलित होगी।

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