रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
जिला प्रशासन के अनुसार, प्रस्तावित रेल लाइन के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस संबंध में जिला भू-अर्जन कार्यालय ने रेलवे अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत पहले अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके बाद भूमि अधिग्रहण की अगली कार्रवाई होगी।
14 राजस्व गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
परियोजना के लिए नवादा जिले के 14 राजस्व गांवों की करीब 151 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी। यह भूमि मुख्य रूप से नवादा सदर और वारिसलीगंज अंचल के अंतर्गत आती है। अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित जमीनों का सत्यापन, मूल्यांकन और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
25किमी से अधिक लंबी होगी रेल लाइन
केंद्र सरकार पहले ही नवादा-पावापुरी ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दे चुकी है। करीब 25.10 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन के निर्माण पर प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लगभग 492 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। प्रस्तावित लाइन नवादा को पावापुरी रोड स्टेशन से जोड़ेगी, जिससे इस पूरे क्षेत्र की रेल संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी।
भूमि मालिकों को मिलेगा मुआवजा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों और भू-स्वामियों की जमीन इस परियोजना में आएगी, उन्हें सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रभावित लोगों को अपनी आपत्तियां और सुझाव रखने का भी अवसर मिलेगा। अधिसूचना प्रकाशित होने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित भूमि मालिक जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के समक्ष लिखित रूप से अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इसके बाद नियमानुसार सभी मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
नई रेल लाइन बनने के बाद नवादा और पावापुरी के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो जाएगा। इसके अलावा व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बेहतर रेल संपर्क से क्षेत्र के लोगों को यात्रा में सुविधा मिलेगी और आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।

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