नई व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में खाद्य सब्सिडी की राशि भेजी जाएगी। राशन की दुकान पर पहुंचने के बाद लाभार्थी QR कोड स्कैन कर डिजिटल रुपये से भुगतान करेगा और इसके बदले निर्धारित मात्रा में अनाज ले सकेगा। चंडीगढ़ में 55 हजार से अधिक लाभार्थियों को इस सुविधा से जोड़ा गया है। इसके लिए 542 सरकारी राशन दुकानों को डिजिटल सिस्टम से कनेक्ट किया गया है।
सिर्फ राशन खरीदने में इस्तेमाल होगी रकम
डिजिटल वॉलेट में मिलने वाली सब्सिडी की राशि का इस्तेमाल किसी दूसरी चीज की खरीदारी में नहीं किया जा सकेगा। यह रकम केवल निर्धारित खाद्य सामग्री खरीदने के लिए इस्तेमाल होगी। इससे सरकार को सब्सिडी के सही इस्तेमाल की निगरानी करने में मदद मिलेगी और गड़बड़ी की संभावना कम होगी।
इस्तेमाल नहीं किया तो वापस होगी राशि
इस व्यवस्था में एक खास नियम भी रखा गया है। अगर लाभार्थी एक महीने के अंदर डिजिटल वॉलेट में मिली सब्सिडी की पूरी राशि का इस्तेमाल नहीं करता है, तो बची हुई रकम अपने आप सरकारी खाते में वापस चली जाएगी। इससे लेनदेन की डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
चंडीगढ़ से शुरू हुआ यह प्रयोग सफल रहने पर भविष्य में देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी डिजिटल राशन व्यवस्था लागू किए जाने की संभावना है। इससे सरकारी सब्सिडी को सही लाभार्थी तक पहुंचाने और राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिल सकती है।

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