नेटवर्क वाले इलाकों में स्मार्ट मीटर जरूरी
केंद्र के निर्देश के मुताबिक जिन इलाकों में संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां बिजली उपभोक्ताओं को निर्धारित भारतीय मानकों के अनुरूप स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली आपूर्ति की जानी है। यह व्यवस्था प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के बिजली कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं पर लागू हो सकती है।
मोबाइल से देख सकेंगे बिजली की खपत
स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत की निगरानी करने में आसानी होगी। इससे वे यह समझ सकेंगे कि किस समय और कितनी बिजली खर्च हो रही है। खपत का पता चलने पर उपभोक्ता जरूरत के अनुसार बिजली इस्तेमाल को नियंत्रित कर सकेंगे।
बिजली कंपनियों को भी होगा फायदा
स्मार्ट मीटर से केवल उपभोक्ताओं को ही नहीं, बल्कि बिजली वितरण कंपनियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। सटीक मीटरिंग और बेहतर निगरानी से बिलिंग व्यवस्था में सुधार होगा और बिजली वितरण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
बिहार में 92 लाख घरों में लग चुका मीटर
बिहार में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या करीब 2.11 करोड़ बताई गई है। इनमें से लगभग 92 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। केंद्र सरकार ने राज्य से बाकी उपभोक्ताओं तक भी अभियान को तेजी से पहुंचाने को कहा है।

0 comments:
Post a Comment