पुराने पेंशनर्स को लेकर उठी मांग
पेंशनर संगठनों की सबसे बड़ी चिंता उन केंद्रीय कर्मचारियों को लेकर है, जो 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके हैं। संगठनों का कहना है कि पुराने पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स का ToR में स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए, ताकि भविष्य में पेंशन संशोधन को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो। उनका कहना है कि पेंशन और फैमिली पेंशन में संशोधन को आयोग के अधिकार क्षेत्र में साफ तौर पर दर्ज किया जाना जरूरी है।
पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी?
फिलहाल यह तय नहीं है कि 8वें वेतन आयोग के बाद पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी। फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम पेंशन और नई पेंशन राशि को लेकर कई तरह के आंकड़े सामने आ रहे हैं, लेकिन अभी इन्हें अंतिम नहीं माना जा सकता। आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। सरकार के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 तक करीब 33.76 लाख केंद्रीय सरकारी पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स थे। इसमें रक्षा पेंशनर्स शामिल नहीं हैं।
रिपोर्ट आने के बाद साफ होगी तस्वीर
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था और आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में रिपोर्ट आने की संभावित समयसीमा मई 2027 के आसपास बनती है। फिलहाल पेंशनर्स के लिए सबसे अहम मांग यही है कि पुराने पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को पेंशन संशोधन के दायरे में स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। हालांकि, पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी और नई गणना किस आधार पर होगी, इसका अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

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