मौजूदा स्थिति को देखते हुए पंचायत चुनाव 2027 के जुलाई-अगस्त से पहले होने की संभावना कम है। परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा। इसी के अनुसार पंचायतों की सीमाओं और जनसंख्या से जुड़े बदलाव तय किए जाएंगे।
GIS मैपिंग का काम पूरा होने की ओर
फिलहाल पंचायतों की GIS मैपिंग और जरूरी आंकड़ों को व्यवस्थित करने का काम चल रहा है। 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायतों की सीमाओं और राजस्व ग्रामों की स्थिति का मिलान किया जा रहा है। नक्शों में मौजूद गलतियों और सीमाओं से जुड़ी कमियों को भी ठीक किया जाएगा। इसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर पंचायतों की नई सीमाएं निर्धारित करने के साथ आरक्षण से जुड़े आंकड़ों को भी तैयार किया जाएगा।
बढ़ सकती है मुखिया की सीटों की संख्या
परिसीमन के बाद पंचायतों की संख्या में बदलाव होने की संभावना है। इसी वजह से मुखिया की सीटों की संख्या भी बढ़ सकती है। मौजूदा अनुमान के अनुसार मुखिया की कुल सीटें करीब 13 हजार तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम संख्या परिसीमन पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
चुनाव लड़ने वालों ने शुरू की तैयारी
चुनाव की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन संभावित उम्मीदवारों ने गांवों में संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है। बैठकों और जनसंपर्क का दौर भी धीरे-धीरे तेज हो रहा है। जो लोग मुखिया या पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अपने जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए। इनमें मतदाता सूची में नाम, पहचान पत्र, उम्र का प्रमाण, निवास प्रमाण-पत्र, फोटो और शपथ-पत्र जैसे दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। आरक्षित सीट होने की स्थिति में संबंधित जाति प्रमाण-पत्र भी जरूरी होगा।

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