चार महीने बाद फिर 700 अरब डॉलर के पार
इससे पहले 17 अप्रैल 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 703.308 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। इसके बाद वैश्विक परिस्थितियों और मध्य पूर्व में तनाव के बीच इसमें गिरावट देखने को मिली थी। अब एक बार फिर इसमें तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विदेशी मुद्रा भंडार में हुई यह बढ़ोतरी देश की बाहरी वित्तीय स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार होने से अंतरराष्ट्रीय भुगतान और आयात जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है।
विदेशी मुद्रा संपत्ति में भी बढ़ोतरी
RBI के आंकड़ों के अनुसार, फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) में भी अच्छी वृद्धि हुई है। सप्ताह के दौरान FCA 9.9946 अरब डॉलर बढ़कर 574.625 अरब डॉलर हो गया। इसमें अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, येन और पाउंड जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती हैं, जिनका मूल्य डॉलर में आंका जाता है।
गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में गिरावट
जहां विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी आई, वहीं भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान गोल्ड रिजर्व करीब 3.995 अरब डॉलर घटकर 108.738 अरब डॉलर रह गया। इसके अलावा स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) में 79 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 18.745 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत की रिजर्व पोजिशन 116 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.894 अरब डॉलर हो गई। कुल मिलाकर, विदेशी मुद्रा भंडार का दोबारा 700 अरब डॉलर के पार पहुंचना भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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