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GSSC भर्ती 2026: शिक्षकों के 390 पदों के लिए भर्ती

न्यूज डेस्क। सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए गोवा से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। गोवा कर्मचारी चयन आयोग (GSSC) ने वर्ष 2026 के लिए सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत मराठी और कोंकणी माध्यम के कुल 390 शिक्षक पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

मराठी और कोंकणी माध्यम में होगी भर्ती

जारी जानकारी के अनुसार, भर्ती दो माध्यमों के लिए की जा रही है। इनमें मराठी माध्यम के 352 पद और कोंकणी माध्यम के 38 पद शामिल हैं। यह भर्ती राज्य के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।

शैक्षणिक योग्यता क्या होनी चाहिए?

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त बोर्ड से उच्च माध्यमिक (12वीं) के साथ दो वर्षीय डी.एल.एड/डी.एड या चार वर्षीय बी.एल.एड की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके अलावा उम्मीदवार के पास टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) प्रमाणपत्र भी होना चाहिए। यह योग्यता शिक्षण गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए तय की गई है।

आयु सीमा और आवेदन शुल्क

इस भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित की गई है। वहीं आवेदन शुल्क वर्ग के अनुसार अलग-अलग रखा गया है। सामान्य और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 400 रुपये, ओबीसी वर्ग को 200 रुपये और एससी/एसटी/दिव्यांग उम्मीदवारों को 100 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा।

आवेदन की तारीखें नोट करें

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 30 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 20 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए उम्मीदवारों को गोवा कर्मचारी चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

कहां और कैसे करें आवेदन?

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को https://gssc.goa.gov.in वेबसाइट पर जाकर भर्ती से संबंधित लिंक पर क्लिक करना होगा। वहां दिए गए निर्देशों के अनुसार आवेदन फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।

बुध-शुक्र बदलेंगे राशि, 5 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

राशिफल। फरवरी 2026 के पहले सप्ताह (2 से 8 फरवरी) में ग्रहों की चाल राशियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगी। इस सप्ताह का सबसे बड़ा खगोलीय बदलाव 3 फरवरी को बुध का मकर से कुंभ राशि में प्रवेश और 5 फरवरी को शुक्र का मकर से कुंभ राशि में प्रवेश है।

कुंभ राशि में पहले से ही राहु स्थित है, जिससे इस सप्ताह त्रिग्रही योग बन जाएगा। इस योग का प्रभाव जीवन के विभिन्न क्षेत्रों धन, स्वास्थ्य, व्यवसाय और रिश्तों पर देखा जाएगा। खासकर पांच राशियों के लिए यह समय बेहद लाभकारी साबित होगा।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह सप्ताह धन लाभ और नई अवसरों वाला रहेगा। बुध और शुक्र के कुंभ में आने से करियर में सुधार और नौकरी या व्यापार में नई प्रगति के संकेत हैं। पुराने निवेश लाभ दे सकते हैं और व्यवसायियों के लिए नए ग्राहक या साझेदारी के मौके बनेंगे। व्यक्तिगत जीवन में रिश्तों में सामंजस्य बना रहेगा।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध का कुंभ में प्रवेश विशेष रूप से बौद्धिक और शैक्षिक उन्नति लाएगा। नए ज्ञान और कौशल सीखने का समय है। कार्यक्षेत्र में टीमवर्क और संचार में सुधार होगा। प्रेम और मित्रता के क्षेत्र में भी सामंजस्य रहेगा।

3. कन्या राशि

कन्या राशि वालों को इस सप्ताह आर्थिक लाभ और परिवार में खुशहाली का अनुभव होगा। बुध और शुक्र के कुंभ में प्रवेश से परिवारिक रिश्तों में मिठास बढ़ेगी। संपत्ति या जमीन से जुड़ा कोई लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रूप से अच्छा रहेगा, लेकिन व्यायाम और संतुलित आहार पर ध्यान दें।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह सप्ताह करियर और व्यवसाय में सफलता लेकर आएगा। नए अवसर और पेशेवर सम्मान मिलने के योग हैं। बुध के कुंभ में आने से मानसिक संतुलन मजबूत रहेगा और निर्णय लेने में आसानी होगी। प्रेम जीवन में मधुरता बढ़ेगी।

5. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए शुक्र का कुंभ में प्रवेश संपर्क, समाजिक संबंध और लाभकारी सौदे लेकर आएगा। व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय लाभकारी रहेगा। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने से मानसिक संतुलन और खुशी मिलेगी।

यूपी में ''ग्रामीण डाक सेवक'' की बंपर, युवाओं की बल्ले-बल्ले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए डाक विभाग यानी इंडिया पोस्ट ने खुशखबरी दी है। साल 2026 के लिए ग्रामीण डाक सेवक, सहायक ब्रांच पोस्ट मास्टर और ब्रांच पोस्ट मास्टर के पदों पर भर्तियाँ शुरू हो चुकी हैं।

खास बात यह है कि इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी और चयन सीधे 10वीं की अंकों के आधार पर मेरिट सूची से किया जाएगा। कुल मिलाकर, इस बार 28,740 पदों पर भर्ती होगी, जिसमे यूपी के लिए 3169 पद हैं। 10वीं पास युवा इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, और इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन के लिए इंडिया पोस्ट के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा।

आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियाँ

डाक विभाग के अनुसार आवेदन प्रक्रिया 31 जनवरी 2026 से शुरू होकर 14 फरवरी 2026 तक चलेगी। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 16 फरवरी 2026 शाम 5 बजे तक है। यदि किसी उम्मीदवार ने आवेदन में कोई गलती कर दी है, तो सुधार का अवसर 18 और 19 फरवरी 2026 को मिलेगा। पहली मेरिट सूची की संभावना 28 फरवरी 2026 है।

पात्रता और आवश्यक योग्यता

ग्रामीण डाक सेवक बनने के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित योग्यताओं को पूरा करना अनिवार्य है:

आयु सीमा: 18 से 40 साल

योग्यता: मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास

इस भर्ती से विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा, क्योंकि यह रोजगार का स्थायी और भरोसेमंद अवसर प्रदान करती है।

यूपी में 'शिक्षकों' को बड़ी राहत, एरियर को लेकर खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। लंबे समय से एरियर भुगतान को लेकर विभागीय दफ्तरों के चक्कर काट रहे शिक्षकों के लिए अब प्रक्रिया कहीं अधिक सरल और पारदर्शी हो गई है। सरकार ने एरियर भुगतान की शक्तियों का विकेंद्रीकरण करते हुए अधिकारियों को अपने स्तर पर भुगतान की अनुमति दे दी है।

अब किस अधिकारी के पास कितनी शक्ति?

नई व्यवस्था के तहत जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अब दो लाख रुपये तक के एरियर का भुगतान स्वयं कर सकेंगे। इसी तरह संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) को चार लाख रुपये तक और अपर शिक्षा निदेशक (एडी) को आठ लाख रुपये तक भुगतान की अनुमति दी गई है। आठ लाख रुपये या उससे अधिक के एरियर का भुगतान माध्यमिक शिक्षा निदेशक अपने स्तर से कर सकेंगे। इसके लिए केवल शासन को सूचना देना पर्याप्त होगा, अलग से अनुमोदन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

फाइलों और अनुमोदन की समस्या से निजात

अब तक एरियर भुगतान में सबसे बड़ी समस्या फाइलों का लंबित रहना, अनुमोदन में देरी और दस्तावेजों का इधर-उधर होना था। कई मामलों में फाइलें महीनों तक अटकी रहती थीं, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों को मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसी दिक्कतों पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है।

हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों को फायदा

इस फैसले से प्रदेश के करीब 61 हजार शिक्षक और लगभग 10,800 शिक्षणेत्तर कर्मचारी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। महंगाई भत्ता, चयन वेतनमान, एससीपी (समयबद्ध पदोन्नति) और उपार्जित अवकाश के नकदीकरण जैसे मामलों में एरियर पाने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी।

कोर्ट-कचहरी के चक्कर होंगे कम

अब तक एरियर भुगतान में देरी के कारण कई शिक्षक न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होते थे। इससे न सिर्फ शिक्षकों की परेशानी बढ़ती थी, बल्कि विभागीय अधिकारियों को भी अवमानना नोटिस जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ता था। नई पारदर्शी व्यवस्था के लागू होने से ऐसे मामलों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

आदेश जारी, जल्द दिखेगा असर

इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। शिक्षक संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति बताया है। यह फैसला सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि शिक्षकों के सम्मान, समय और अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

अमेरिका का बड़ा कदम: जापान में तैनात करेगा F-35A, चीन में खलबली!

न्यूज डेस्क। पूर्वोत्तर एशिया में सुरक्षा संतुलन को लेकर हलचल तेज हो गई है। अमेरिका ने एक अहम सैन्य फैसला लेते हुए जापान में पहली बार F-35A फिफ्थ जेनरेशन लड़ाकू विमानों की स्थायी तैनाती का ऐलान किया है। ये अत्याधुनिक फाइटर जेट उत्तरी जापान के मिसावा एयर बेस पर तैनात किए जाएंगे, जहां वे अमेरिकी वायुसेना के 35वें फाइटर विंग के तहत पुराने F-16CM विमानों की जगह लेंगे।

यह कदम सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बदलती रणनीतिक प्राथमिकताओं का संकेत माना जा रहा है। खासतौर पर चीन, रूस और उत्तर कोरिया की बढ़ती सैन्य क्षमताओं के बीच इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है।

F-16 से F-35 तक: मिशन वही, ताकत ज्यादा

अब तक मिसावा एयर बेस पर तैनात F-16CM फाइटर जेट्स का इस्तेमाल मुख्य रूप से दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को दबाने के लिए किया जाता रहा है। हालांकि F-16 को मूल रूप से हवा से हवा में लड़ाई के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन समय के साथ उसमें सीमित एयर डिफेंस सप्रेशन क्षमताएं जोड़ी गईं।

इसके उलट F-35A को शुरू से ही आधुनिक, जटिल और मल्टी-लेयर एयर डिफेंस नेटवर्क को निष्क्रिय करने के लिए तैयार किया गया है। इसकी स्टेल्थ तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और एडवांस सेंसर इसे इस भूमिका के लिए कहीं ज्यादा खतरनाक बनाते हैं

जापान और अमेरिका, दोनों को होगा फायदा

रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि जापान में F-35A की तैनाती से अमेरिका और जापान की वायु सेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल और मजबूत होगा। जापान पहले से ही F-35 कार्यक्रम का हिस्सा है, जबकि वह F-16 का इस्तेमाल नहीं करता। ऐसे में साझा प्लेटफॉर्म से संयुक्त अभ्यास और वास्तविक अभियानों में समन्वय बेहतर होगा।

मिसावा एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी यूनिट्स को अक्सर ऐसे इलाकों में ऑपरेशन करना पड़ता है, जहां रूस और उत्तर कोरिया जैसे देश जमीन आधारित एयर डिफेंस सिस्टम पर भारी निर्भरता रखते हैं। खासकर उत्तर कोरिया का एयर डिफेंस नेटवर्क तेजी से आधुनिक हो रहा है, जिससे कोरियाई प्रायद्वीप में यह तैनाती और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

चीन फैक्टर: असली वजह क्या है?

इस पूरी तैनाती के पीछे सबसे बड़ा कारण चीन की तेजी से बढ़ती सैन्य ताकत को माना जा रहा है। चीन लगातार अपनी फिफ्थ जेनरेशन फाइटर फ्लीट का विस्तार कर रहा है और आने वाले वर्षों में पहला सिक्स्थ जेनरेशन फाइटर ऑपरेशनल करने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसे देखते हुए भविष्य में अमेरिका और उसके सहयोगियों को और ज्यादा उन्नत और बड़ी संख्या में प्लेटफॉर्म्स की जरूरत पड़ेगी।

यूपी में इस सड़क का होगा चौड़ीकरण, लोगों के लिए खुशखबरी!

बिजनौर: बास्टा से अहरौला तक 16 किलोमीटर लंबा मार्ग अब पूरी तरह से नया रूप लेगा। पुराना संकरा और गड्ढों भरा मार्ग अब सात मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। इस परियोजना के लिए 31.44 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होने वाला है।

क्यों जरूरी था मार्ग का विस्तार

इस मार्ग की चौड़ाई पहले केवल तीन मीटर थी और गड्ढों के कारण आवागमन मुश्किल हो रहा था। स्थानीय लोग वर्षों से मार्ग के सुधारे जाने की मांग कर रहे थे और कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया। दो बार टेंडर प्रक्रिया होने के बावजूद निर्माण अटक जाता था, लेकिन गुरुवार को प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण का रास्ता साफ हो गया।

निर्माण से क्या लाभ होगा?

मार्ग चौड़ा होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और हजारों ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यह मार्ग बास्टा के निकटवर्ती बीस से अधिक गांवों को तहसील मुख्यालय से जोड़ता है। बीबीपुरा, अहरौला, मानपुर, रसूलपुर नंगला, दरबड, ठेठ और बसंतपुर सहित कई गांवों के लोग इस मार्ग से प्रतिदिन गुजरते हैं।

निर्माण कार्य की जिम्मेदारी

टेंडर प्रक्रिया में यश टेक्नोबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड को 31.44 करोड़ रुपये में मार्ग निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अवर अभियंता लोक निर्माण विभाग, जसवीर सिंह ने बताया कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मार्ग के बनने के बाद न केवल यात्रियों और माल वाहनों के लिए आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी होगी। गड्ढों और संकरे रास्तों की समस्या खत्म होने से ग्रामीणों की दिनचर्या में राहत मिलेगी।

यूपी में बनेंगे कई हैलीपेड, जमीन चिन्हित, इन जिलों को खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखनऊ मण्डल में लोक निर्माण विभाग के माध्यम से कई हैलीपैड बनाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत ने शनिवार को वर्चुअल बैठक कर सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं से निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की।

प्रमुख जिलों में चयनित स्थल

सीतापुर: 18 स्थलों में से छह का चयन किया गया, जबकि दो स्थलों पर हाई-टेंशन लाइन होने के कारण पुनः चयन आवश्यक है।

लखनऊ: 6 स्थलों पर हैलीपैड निर्माण का प्रस्ताव और चयन पूरा कर लिया गया।

रायबरेली: 16 प्रस्तावित स्थलों में आठ का चयन किया गया।

खीरी: 14 स्थलों में से आठ का चयन पूर्ण।

हरदोई: 19 स्थलों का चयन पूरा।

उन्नाव: 16 में से 15 स्थल तय।

मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित स्थलों के लिए बजट और परियोजना संबंधित जानकारी जल्द भेजी जाए, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र स्वीकृति पा सके।

अनुबन्ध और कार्य प्रगति

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत स्वीकृत कुल 1,117 कार्यों में से अब तक 770 कार्यों के अनुबन्ध पूरे किए जा चुके हैं। अभियंताओं ने बताया कि 100 कार्यों के स्वीकृति-पत्र जारी किए जा चुके हैं और शेष अनुबन्ध 9 फरवरी, 2026 तक पूरे कर लिए जाएंगे।

इस पहल से न केवल आपातकालीन सेवाओं और प्रशासनिक कार्यों में सुविधा बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी हेली सेवा की पहुंच आसान होगी। मण्डलायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयन और निर्माण कार्य में तेजी लाकर समय सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए।

योगी सरकार का 1 बड़ा फैसला, किसानों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गन्ना विकास विभाग ने गन्ना सर्वेक्षण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए एक विस्तृत और चरणबद्ध प्रशिक्षण योजना लागू कर दी है। इस पहल के तहत वैज्ञानिकों और गन्ना किस्मों की विशेषज्ञ जानकारी रखने वाले कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर्स बनाया गया, जिन्होंने विभाग और चीनी मिलों के 5,424 कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया।

गन्ना आयुक्त मिनिस्त्री एस. ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को गन्ने की किस्मों की पहचान, उनके भौतिक और वैज्ञानिक लक्षण, फील्ड निरीक्षण की प्रक्रिया और रिपोर्टिंग प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। इस कदम का उद्देश्य मिश्रित किस्मों और मानकों पर खरे न उतरने वाले गन्ने के प्लाटों की पहचान करना है।

योजना के प्रमुख बिंदु

1 .केवल सुझाए गए और उच्च उत्पादकता वाली किस्मों की ही बोआई सुनिश्चित की जाएगी।

2 .अस्वीकृत और कम उपज देने वाली किस्मों को विस्थापित किया जाएगा।

3 .समाप्त गन्ने वाले प्लाटों की पर्चियों को निरस्त किया जाएगा और वास्तविक गन्ना धारकों के लिए पर्चियों का पुनः निर्धारण किया जाएगा।

4 .बसंतकालीन बोआई के लिए बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए माइक्रोप्लान लागू किया जाएगा।

किसानों को होगा बड़ा फायदा

इस नई पहल से न केवल गन्ना उत्पादक किसानों को फायदा मिलेगा, बल्कि विभाग को फील्ड स्तर पर गन्ना सर्वेक्षण में सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। इससे गन्ना उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ ही वितरण और रिपोर्टिंग प्रणाली को भी प्रभावी बनाया जा सकेगा।

गन्ना विकास विभाग का मानना है कि यह कदम गन्ना किसानों के लिए साफ और लाभकारी व्यवस्था सुनिश्चित करेगा और किसानों की मेहनत को सही लाभ दिलाने में मददगार साबित होगा।

बिहार में 'जमीन रैयत' को खुशखबरी, खतियान मिलेंगे ऑनलाइन

पटना। बिहार के किसानों और जमीन मालिकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर आई है। अब खतियान, जमाबंदी पंजी या रजिस्टर टू की नकल जैसी महत्वपूर्ण भूमि दस्तावेज़ों की सर्टिफाइड कॉपी पाने के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं रहेगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भू-अभिलेख पोर्टल के जरिए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है।

पिछले समय में रैयतों को दस्तावेज़ लेने के लिए अंचल कार्यालय जाना पड़ता था। कभी-कभी कोर्ट में एफिडेविट कराने या कर्मचारी से सत्यापन कराना भी आवश्यक होता था। इस प्रक्रिया में लंबा समय लगता था और कई बार बिचौलियों की दखलंदाजी भी सामने आती थी। अब नई डिजिटल व्यवस्था के लागू होने के बाद सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज़ ऑनलाइन अपलोड, वेरीफिकेशन और डाउनलोड किए जा सकेंगे।

आवेदन की आसान प्रक्रिया

1 .सबसे पहले आवेदक को भू-अभिलेख पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा।

2 .लॉग-इन करने के बाद अपलोड बटन पर क्लिक करें। फॉर्म में कुछ जानकारियां पहले से भरी होती हैं और बाकी आवेदक को भरनी होती हैं। इसमें दस्तावेज़ का बारकोड और फाइल का बारकोड डालना अनिवार्य है।

3 .बारकोड की सही जानकारी दर्ज करना जरूरी है, क्योंकि यही दस्तावेज़ की पहचान और आगे की प्रक्रिया निर्धारित करता है।

4 .अगला चरण शुरू करने के लिए नेक्स्ट बटन पर क्लिक करें।

5 .अब अपने कंप्यूटर या लैपटॉप से स्कैन की गई PDF फाइल अपलोड करें और स्क्रीन पर दिखाई जा रही जानकारी को ध्यानपूर्वक चेक करें।

6 .डिक्लेरेशन बॉक्स को चेक करना जरूरी है, जो दस्तावेज़ की वैधता की पुष्टि करता है।

7 .अंत में अपलोड बटन दबाएं। सफल अपलोड के बाद पोर्टल पर संदेश दिखाई देगा और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर सूचना भी भेजी जाएगी।

डिजिटल प्रक्रिया पूरी होने के बाद दस्तावेज़ वेरिफाइड पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगा। इसके बाद इसे डिजिटल साइन के साथ सर्टिफाइड कॉपी के लिए आगे अनुरोध किया जा सकता है। राजस्व विभाग का कहना है कि यह पहल न केवल भूमि रिकॉर्ड से जुड़े विवादों को कम करेगी, बल्कि डिजिटल इंडिया अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी। इस नई व्यवस्था से रैयतों को समय और मेहनत दोनों की बचत होगी और भ्रष्टाचार के अवसर भी कम होंगे।

किडनी ट्रांसप्लांट कैसे होता हैं? कौन बन सकता है किडनी डोनर

हेल्थ डेस्क। किडनी ट्रांसप्लांट आज की आधुनिक चिकित्सा का एक अहम हिस्सा बन चुका है, जो गुर्दे की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए जीवनदान साबित होता है। यह प्रक्रिया तब अपनाई जाती है जब मरीज की किडनी पूरी तरह काम करना बंद कर देती है और डायलिसिस से राहत पर्याप्त नहीं होती।

किडनी ट्रांसप्लांट कैसे होता है?

किडनी ट्रांसप्लांट में आमतौर पर मरीज की खराब किडनी को पूरी तरह निकालने की जरूरत नहीं होती। सर्जरी के दौरान नए स्वस्थ किडनी को मरीज के पेट या पीठ की निचली हिस्से में प्रत्यारोपित किया जाता है। ऑपरेशन आम तौर पर 3 से 4 घंटे में पूरा होता है और मरीज को इसके बाद कुछ दिन अस्पताल में रहकर निगरानी में रखा जाता है।

सर्जरी के तुरंत बाद मरीज को दवाइयों का नियमित सेवन अनिवार्य होता है, ताकि शरीर नई किडनी को अस्वीकार न करे। विशेषज्ञों के अनुसार, सफल ट्रांसप्लांट के बाद मरीज लगभग सामान्य जीवन जी सकता है, लेकिन समय-समय पर जांच और जीवनशैली में बदलाव जरूरी होते हैं।

कौन बन सकता है किडनी डोनर?

किडनी दान करने वाले डोनर की आयु आम तौर पर 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए। डोनर की किडनी स्वस्थ और बिना किसी गंभीर बीमारी के होना जरूरी है। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार या कभी-कभी अनजान व्यक्ति भी डोनर बन सकता है, बशर्ते मेडिकल टेस्ट में दोनों की बॉडी कम्पैटिबल हों।

डोनर बनने के लिए जरूरी है कि उसका रक्त समूह और ऊतक मरीज के साथ मेल खाता हो। इसके अलावा, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों अच्छा होना चाहिए। ट्रांसप्लांट से पहले डोनर का पूरा मेडिकल और लैब टेस्ट किया जाता है, ताकि सर्जरी सुरक्षित और सफल हो।

विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी ट्रांसप्लांट न केवल मरीज की जीवन अवधि बढ़ाता है, बल्कि उसकी जीवन गुणवत्ता में भी सुधार लाता है। इसलिए समय रहते डॉक्टर से परामर्श करना और सही डोनर का चयन करना बेहद जरूरी है।

केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! DA को लेकर बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत की खबर सामने आई है। लंबी प्रतीक्षा के बाद महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) में संशोधन की राह साफ होती दिख रही है। जनवरी 2026 से डीए में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि दिसंबर 2025 के औद्योगिक श्रमिकों का अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) 148.2 पर स्थिर रहा।

दरअसल, डीए की गणना औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के पिछले 12 महीनों के औसत के आधार पर होती है। इसके लिए एक निर्धारित सूत्र का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे पता चलता है कि मौजूदा दर में कितनी वृद्धि की जाए।

5 प्रतिशत तक बढ़ सकता है डीए

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर इस बार केंद्र सरकार महंगाई भत्ते में वृद्धि करती है तो मौजूदा 58% डीए बढ़कर 63 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल का कहना है कि ताजा AICPI-IW डेटा के आधार पर पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी पूरी तरह संभव है।

जनवरी 2026 से लागू होगी नई दर

केंद्र सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते में बदलाव करती है, जनवरी और जुलाई में। पिछली बार जुलाई 2025 में यह दर 55% से बढ़ाकर 58% की गई थी। इस बार का संशोधन जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। महंगाई भत्ता कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को रोजमर्रा की कीमतों में बढ़ोतरी से होने वाले आर्थिक दबाव से राहत देने के लिए दिया जाता है। इससे वेतन और पेंशन की वास्तविक कीमत स्थिर रहती है।

सरकारी घोषणा का इंतजार

हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन आंकड़े और विशेषज्ञों के अनुमान कर्मचारियों के लिए सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। बजट के बाद सरकार के निर्णय के साथ लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की जेब में सीधे लाभ पहुंचने की संभावना है।

यूपी में बनेगा नया पुल, लखनऊ-बहराइच मार्ग होगा आसान

सीतापुर: लखनऊ वाया सिधौली-बहचाइच मार्ग पर यातायात की समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने अहम कदम उठाया है। सिधौली-बिसवा मार्ग पर स्थित हुसेनगंज नहर पुल के निर्माण के लिए तीन करोड़ 30 लाख रुपये मंजूर कर दिए गए हैं। 

बता दें की इस नए पुल की लंबाई 30 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर होगी, जबकि वर्तमान पुराना पुल केवल 5.5 मीटर चौड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, संकरा पुल होने के कारण अक्सर इस मार्ग पर जाम की समस्या उत्पन्न होती थी। पुल पर एक साथ दो बड़े वाहन गुजर नहीं पाते थे, जिससे माल परिवहन और आम वाहनों को भारी कठिनाई होती थी।

लाखों वाहनों को मिलेगा फायदा

यह मार्ग सिर्फ बहराइच ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के लिए भी महत्वपूर्ण है। यहां से अधिकांश माल वाहन लखनऊ की ओर जाते हैं। नए पुल के बनने से माल परिवहन तेज और सुरक्षित होगा। विशेष रूप से तंबौर के प्लाइवुड उद्योग को इसका सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में छोटे ट्रकों से माल भेजना पड़ता है, जिससे परिवहन लागत अधिक होती थी। पुल के बाद बड़े ट्रक सीधे माल भेज सकेंगे, जिससे उत्पादन की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।

बाक्स तकनीक से होगा निर्माण

लोक निर्माण विभाग पुल निर्माण के लिए बाक्स तकनीक का उपयोग करेगा। सहायक अभियंता मनोज कुमार के अनुसार, पुल को 10-10 मीटर के तीन हिस्सों में बनाया जाएगा। यह तकनीक मजबूत और दीर्घकालीन मानी जाती है। निर्माण कार्य लगभग एक वर्ष में पूरा होने का अनुमान है।

अधिशासी अभियंता बुद्धि सागर सिंह ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। नए पुल के बन जाने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि स्थानीय उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

कल बनेंगे 3 शक्तिशाली योग: 5 राशियों के लिए बड़ी खुशखबरी

राशिफल। कल का दिन कई ज्योतिषीय दृष्टियों से बेहद शुभ रहने वाला है। यह दिन विशेष रूप से उन राशियों के लिए सकारात्मक ऊर्जा लेकर आ रहा है, जिनकी राशियों पर ग्रहों की स्थिति विशेष अनुकूल है। कल तीन शक्तिशाली योग बन रहे हैं, सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि-पुष्य योग, प्रीति योग और आयुष्मान योग। ये योग जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता, स्वास्थ्य, और समृद्धि लेकर आते हैं।

1. वृषभ राशि

मुख्य लाभ: धन लाभ, व्यापार में सफलता, पारिवारिक सुख।

विशेष योग प्रभाव: सर्वार्थ सिद्धि योग वृषभ राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर लेकर आएगा। यह योग उनके सभी कार्यों में सफलता, नौकरी या व्यवसाय में तरक्की, और धन वृद्धि का संकेत देता है। कल के दिन अपने महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाएं और आर्थिक निर्णय लेने में कोई देरी न करें।

2. मिथुन राशि

मुख्य लाभ: नए संपर्क, करियर में बदलाव, स्वास्थ्य में सुधार।

विशेष योग प्रभाव: रवि-पुष्य योग मिथुन राशि के जातकों के लिए जीवन में नई ऊर्जा का संचार करेगा। यह योग व्यापारिक सौदे, नौकरी में प्रमोशन या नए प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए बहुत शुभ है। पुराने तनाव या मानसिक उलझनों को आज दूर करें। परिवार और मित्रों के साथ संबंध मजबूत होंगे।

3. कर्क राशि

मुख्य लाभ: आयुष्मान योग के कारण स्वास्थ्य में सुधार, आत्मविश्वास में वृद्धि।

विशेष योग प्रभाव: आयुष्मान योग कर्क राशि के जातकों के लिए विशेष लाभकारी है। यह योग स्वास्थ्य, आयु और मानसिक शांति में वृद्धि करेगा। साथ ही, लंबित कार्यों में सफलता और पारिवारिक सुख की स्थिति बनेगी। कल के दिन योग, ध्यान और प्राकृतिक स्वास्थ्य उपाय अपनाने से लाभ और बढ़ेगा।

4. सिंह राशि

मुख्य लाभ: प्रेम-संबंधों में सफलता, सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि।

विशेष योग प्रभाव: प्रीति योग सिंह राशि के जातकों के लिए प्रेम, मित्रता और सामाजिक रिश्तों में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। इस दिन संबंधों में मिठास बढ़ेगी और पुराने विवाद दूर होंगे। व्यक्तिगत और पेशेवर रिश्तों में संवाद बनाए रखें। सहयोग और समझ बढ़ाने से लाभ मिलेगा।

5. कन्या राशि

मुख्य लाभ: शिक्षा, नौकरी, और आधिकारिक कामकाज में सफलता।

विशेष योग प्रभाव: सर्वार्थ सिद्धि और आयुष्मान योग कन्या राशि के जातकों को पेशेवर मामलों में लाभ देंगे। परीक्षा, प्रमोशन या नए प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए यह दिन बेहद शुभ रहेगा। महत्वपूर्ण फैसले लेने और नए काम की शुरुआत के लिए कल का दिन चुनें।

अमेरिका ने भारत को दिया ऑफर, रूस को होगा नुकसान!

नई दिल्ली। अमेरिका ने हाल ही में भारत को वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति दी है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब भारत ने रूस से तेल आयात में कटौती करने की रणनीति अपनाई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका का उद्देश्य भारत को रूस की जगह वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है।

क्या है पूरी पृष्ठभूमि?

भारत लंबे समय से रूस से कच्चा तेल खरीदता रहा है। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए। इस स्थिति में भारत रूस से तेल खरीदने वाला प्रमुख ग्राहक बन गया। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने रूस से तेल आयात करने को लेकर भारत पर 25% अतरिक्त टैरिफ लगा दिया था। अब अमेरिका ने रूस की जगह भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने की अनुमति दी हैं।

भारत और रूस पर असर

अमेरिका का यह कदम दोहरी रणनीति पर आधारित है। भारत को रूस पर निर्भरता कम करने के लिए प्रोत्साहित करना और रूस की तेल से होने वाली आमदनी को घटाना, जिससे वह यूक्रेन युद्ध में संसाधन जुटाने में बाधित हो। रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले महीनों में भारत रूस से तेल की खरीद में कमी करेगा। अमेरिका ने इसके पहले रूस से तेल पर भारत पर टैरिफ बढ़ा दिया था, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ गया था।

भारत के लिए लाभ

इस नई अनुमति से भारत को निम्न लाभ होंगे: रूस से तेल पर निर्भरता कम होगी। वैश्विक तेल आपूर्ति में विविधता आएगी और कीमतों पर नियंत्रण बनेगा। वेनेजुएला से तेल खरीदने की सुविधा मिलने से रणनीतिक आपूर्ति सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य

रूस से तेल की खरीद में कमी और वेनेजुएला से आयात बढ़ने से वैश्विक तेल बाजार में बदलाव आ सकता है। अमेरिका की यह नीति न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि रूस के आर्थिक दबाव को बढ़ाने की दिशा में भी असरदार कदम है।

यूपी में 6 IAS और 5 PCS अफसरों का ट्रांसफर, देखें लिस्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में प्रशासनिक कार्यों की दक्षता और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए शनिवार को कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसमें 6 IAS और 5 PCS अधिकारी शामिल हैं। सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। इनमें कमिश्नर, सीडीओ और अन्य प्रमुख पदों में बदलाव शामिल हैं।

मुख्य IAS अधिकारियों के तबादले

1 .नगेन्द्र प्रताप – जो वर्तमान में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में तैनात थे, अब उन्हें मंडलायुक्त, आगरा के पद पर भेजा गया है।

2 .मनीष मीणा – मुख्य विकास अधिकारी, मथुरा को अब अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण बनाया गया।

3 .प्रशांत नागर – मुख्य विकास अधिकारी, मऊ से नगर आयुक्त, फिरोजाबाद एवं उपाध्यक्ष, फिरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।

4 .विवेक कुमार श्रीवास्तव – उपसचिव, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से मुख्य विकास अधिकारी, मऊ के पद पर स्थानांतरित किए गए।

5 .डॉ. पूजा गुप्ता – संयुक्त मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद से मुख्य विकास अधिकारी, मथुरा के पद पर नियुक्त।

6 .रणवीर प्रसाद – प्रमुख सचिव, खाद्य एवं रसद तथा उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को वर्तमान पद के साथ ही आयुक्त, खाद्य एवं रसद, उत्तर प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।

PCS अधिकारियों के तबादले

1 .राजेश कुमार वर्मा – नगर मजिस्ट्रेट, जालौन से नगर मजिस्ट्रेट, बरेली बनाया गया।

2 .सुनील कुमार – उप जिलाधिकारी, प्रयागराज से नगर मजिस्ट्रेट, जालौन नियुक्त।

3 .कमलेश चन्द्र – अपर आयुक्त, देवीपाटन मंडल, गोंडा से उप सचिव, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज बनाए गए।

4 .राजेश कुमार यादव – अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति), मथुरा से अपर आयुक्त, देवीपाटन मंडल, गोंडा स्थानांतरित।

5 .नंद प्रकाश मौर्य – उप जिलाधिकारी, महाराजगंज से अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति), मथुरा बनाए गए।

भारत बनाएगा सबसे ताकतवर जेट इंजन! तैयारी शुरू

नई दिल्ली। भारत अब लड़ाकू विमान उद्योग में अपनी सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती पर काबू पाने की तैयारी में है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की प्रयोगशाला GTRE ने भारतीय उद्योगों को 'नेक्स्ट जनरेशन' हाई-थ्रस्ट जेट इंजन बनाने के लिए साझेदारी का न्योता दिया है। इस इंजन से भारत न केवल अपनी वायुसेना की जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि उन चुनिंदा देशों की कतार में शामिल होगा जिनके पास खुद की जेट इंजन तकनीक है।

जेट इंजन क्यों है बेहद जरूरी?

लड़ाकू विमान बनाना आसान काम है, लेकिन उसका इंजन तैयार करना दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण तकनीकी चुनौतियों में से एक माना जाता है। वर्तमान में भारत के तेजस और अन्य विमानों में अमेरिका और फ्रांस जैसे देशों के इंजन लगे हैं। कई बार विदेशी तकनीक मिलने में देरी होती है या कड़ी शर्तें रखी जाती हैं।

GTRE का उद्देश्य अब इस निर्भरता को खत्म करना है। नया इंजन पांचवीं पीढ़ी के AMCA विमान और अन्य भविष्य के लड़ाकू विमानों के लिए डिजाइन किया जाएगा। इस इंजन का लक्ष्य 110–130 kN थ्रस्ट उत्पन्न करना है, जो मौजूदा राफेल के 84 kN थ्रस्ट वाले इंजन से भी अधिक शक्तिशाली होगा।

तकनीकी चुनौती और समाधान

आपको बता दें की इस इंजन को बनाने के लिए अत्याधुनिक धातु और कोटिंग की आवश्यकता है, जो हजारों डिग्री तापमान झेल सके। इंजन की आंतरिक प्रणाली इतनी जटिल है कि इसमें विशेष सिरेमिक कोटिंग और अलॉय मटेरियल का इस्तेमाल किया जाएगा। 

इसके अलावा, डिजिटल कंट्रोल सिस्टम (FADEC) का इस्तेमाल होगा, जो पायलट को इंजन की हर गतिविधि की सटीक जानकारी देगा। यह इंजन भारी हथियारों के साथ भी विमान को उच्च गति पर उड़ाने में सक्षम होगा। इसके डिज़ाइन में सुपरसोनिक गति और तेजी से मोड़ लेने की क्षमता को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी

पहले तक रक्षा तकनीक के बड़े प्रोजेक्ट्स सरकारी संस्थानों तक ही सीमित रहते थे, लेकिन अब प्राइवेट कंपनियों की भागीदारी से प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ेगा। भारत में जेट इंजन के छोटे-बड़े पुर्जे बनाने वाली कंपनियों को शामिल किया जाएगा। इससे न केवल निर्माण की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि लागत में भी कमी आएगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

भारत के लिए रणनीतिक महत्व

स्वदेशी जेट इंजन विकसित होने से भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता मिलेगी। विदेशी इंजन पर निर्भरता खत्म होने से सुरक्षा और आपूर्ति में स्थिरता आएगी। साथ ही, भविष्य के लड़ाकू विमानों की कीमत में भी कमी आएगी। इस परियोजना से भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल होगा जिनके पास खुद की जेट इंजन तकनीक है। यह कदम भारतीय रक्षा उद्योग को वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा।

यूपी में 3 फरवरी तक बारिश के आसार, इन जिलों में अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। जनवरी के आखिरी हफ्ते में अचानक बढ़ी गर्मी के बाद अब ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के असर से तापमान फिर से गिर गया है। शनिवार सुबह राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे लोगों की सुबह की रूटीन प्रभावित हुई।

मौसम विभाग के अनुसार आगामी 1 से 3 फरवरी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। खासकर नोएडा, गाजियाबाद, वाराणसी, लखनऊ समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर आसमानी बिजली गिरने की चेतावनी है।

नोएडा-गाजियाबाद में येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के जिलों में रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, गाजियाबाद में भी घने कोहरे और बारिश की संभावना को लेकर सतर्कता बरतने की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में गरज चमक की सम्भावना हैं।

वाराणसी और अन्य जिलों में बादल

वाराणसी और प्रदेश के अन्य जिलों में भी बादल छाए रहेंगे। लखनऊ, गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है। लोगों को ठंड और बारिश दोनों के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।

सावधानी और चेतावनी

ठंडी हवाओं और बारिश के कारण स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा पर ध्यान दें।

कोहरे के समय ड्राइविंग करते समय धीमी रफ्तार अपनाएं।

येलो अलर्ट वाले जिलों में बारिश और विजिबिलिटी कम होने के कारण आवश्यक सावधानी बरतें।

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार 3 फरवरी तक प्रदेश में बदलते मौसम का असर बना रहेगा।

एमपी एपेक्स बैंक में 2076 पदों पर भर्ती, 5 तक करें आवेदन

भोपाल। मध्य प्रदेश में बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड (एमपी एपेक्स बैंक) ने वर्ष 2026 की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक का ऐलान किया है। बैंक द्वारा क्लर्क, कंप्यूटर ऑपरेटर, सोसायटी मैनेजर और अधिकारी स्तर के कुल 2076 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत योग्य स्नातक उम्मीदवारों से 6 जनवरी 2026 से ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 फरवरी 2026 तय की गई है।

किन पदों पर होगी भर्ती?

एपेक्स बैंक की इस भर्ती में पदों की संख्या काफी बड़ी है। कुल 2076 रिक्तियों में 1763 पद क्लर्क के हैं, 313 पद अधिकारी वर्ग के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर (नियमित और संविदा) तथा सोसायटी मैनेजर के पद भी शामिल हैं। यह भर्ती न सिर्फ शहरी बल्कि ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।

योग्यता क्या होगी?

इन सभी पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) होना अनिवार्य है। अलग-अलग पदों के लिए तकनीकी योग्यता और अनुभव से जुड़ी शर्तें विस्तृत अधिसूचना में दी गई हैं।

आयु सीमा और छूट

भर्ती के लिए सामान्य आयु सीमा 18 से 35 वर्ष तय की गई है। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी, जिससे अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तक जा सकती है। वहीं कंप्यूटर ऑपरेटर (संविदा) पद के लिए आयु सीमा अलग रखी गई है, जिसमें उम्मीदवार 18 से 55 वर्ष तक आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवारों को आवेदन ऑनलाइन मोड में ही करना होगा। इसके लिए एमपी एपेक्स बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन फॉर्म भरना होगा। आवेदन के दौरान सभी जरूरी दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करना जरूरी है।

नीतीश सरकार का बड़ा प्लान, गांव-गांव के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार के ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बदलाव आने वाला है। अब शहरों की तरह गांवों में बनने वाली सभी सड़कों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा। इसके तहत स्कूल और अस्पताल के पास जेब्रा क्रॉसिंग, तीखे मोड़, पुल-पुलिया और घुमावदार रास्तों पर गाड़ी चलाने की गति सीमा के संकेत लगाए जाएंगे।

ग्रामीण कार्य विभाग ने कहा है कि यह कदम ग्रामीण इलाकों में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए उठाया गया है। पिछले कुछ वर्षों में ग्रामीण इलाकों में सड़क हादसों की संख्या बढ़कर लगभग चार हजार हो गई है। कुल दुर्घटनाओं में लगभग एक तिहाई ग्रामीण इलाकों में हो रही हैं, जिससे किसानों और ग्रामीणों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही थी।

सड़क सुरक्षा में सख्ती और निगरानी

ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव दिवेश सेहरा ने सभी इंजीनियरों को निर्देश दिए हैं कि अब निर्माण या मरम्मत होने वाली सड़कों में सभी सड़क सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए। इसके लिए स्वतंत्र निगरानी की जाएगी और विभागीय एमआईएस में जेब्रा क्रॉसिंग, गति सीमा संकेत और अन्य सुरक्षा उपायों के लिए अलग कॉलम बनाया जाएगा। सचिव ने यह भी कहा कि शहरों की तरह अब ग्रामीण सड़कों का रखरखाव सात वर्षों तक सुनिश्चित किया जाएगा। इसका मकसद है कि ग्रामीण सड़कें सिर्फ बनें ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक सुरक्षित और उपयोगी बनी रहें।

बिहार की ग्रामीण सड़कें और भविष्य की योजना

बिहार में लगभग 1,18,000 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कें हैं। इनमें से कई सड़कें मेला-हाट और प्रखंड मुख्यालय को जोड़ती हैं। विभाग ने अब इन सड़कों को दो लेन में परिवर्तित करने और आधुनिक सुरक्षा मानकों से सजाने का फैसला किया है।

साथ ही, बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से सड़कों की निगरानी का नया तरीका भी शुरू किया जा रहा है। इससे सड़क की स्थिति, गति सीमा का पालन और सुरक्षा उपायों का क्रियान्वयन लगातार मॉनिटर किया जा सकेगा।

केंद्र सरकार लाएगी नया कानून: किसानों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। किसानों की मेहनत, उनकी फसल और भविष्य की सुरक्षा अब केंद्र सरकार की प्राथमिकता बन चुकी है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के एक दिवसीय प्रवास के दौरान कहा कि नकली बीज, नकली खाद और नकली कीटनाशक फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर और दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए संसद में जल्द ही नया कृषि कानून पेश किया जाएगा, जो किसानों को कानूनी सुरक्षा का मजबूत कवच देगा।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों का सर्वांगीण विकास है। उन्होंने कहा कि नकली कृषि उत्पादों से फसल को नुकसान पहुंचाना केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि किसानों के साथ विश्वासघात भी है। ऐसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

खेतों में उतरकर किसानों से संवाद

प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री ने दुर्ग जिले के ग्राम गिरहोला और खपरी का दौरा किया। उन्होंने खेतों की मेड़ पर उतरकर किसानों से सीधा संवाद किया और नर्सरी, कृषि फार्म, सिंचाई व्यवस्था, बीज उत्पादन, फसल चक्र और आधुनिक कृषि तकनीकों का निरीक्षण किया। ग्राम गिरहोला में आम के पौधों का रोपण कर मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया। उन्होंने किसानों से कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण की रक्षा का साधन नहीं, बल्कि दीर्घकालीन आय का स्रोत भी बन सकता है।

खपरी में कृषि फार्म और किसान चौपाल

खपरी स्थित अनिल कृषि फार्म में मंत्री ने किसानों से संवाद करते हुए उन्हें प्रगतिशील कदमों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपना रहे हैं, जो पूरे देश के लिए प्रेरक है। किसानों ने भी कहा कि धान की पारंपरिक खेती की तुलना में बागवानी और सब्जी उत्पादन अधिक लाभकारी साबित हो रही है। केंद्रीय मंत्री ने फसल विविधीकरण को समय की आवश्यकता बताते हुए अन्य किसानों को भी इस दिशा में बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

केंद्र सरकार की प्रमुख कृषि योजनाओं पर जोर

मंत्री ने किसानों को केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दी, जिनमें शामिल हैं:

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना – छोटे और सीमांत किसानों को प्रत्यक्ष लाभ।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना – प्राकृतिक आपदाओं से फसल सुरक्षा।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना – उत्पादन वृद्धि और नवाचार को बढ़ावा।

डिजिटल कृषि मिशन और ड्रोन तकनीक – फसल निगरानी और लागत में कमी।

उन्होंने प्राकृतिक खेती, सूक्ष्म सिंचाई और जल संरक्षण आधारित कृषि को भविष्य की दिशा बताते हुए किसानों से अधिक से अधिक जुड़ने की अपील की।

8वें वेतन आयोग: ग्रेड-पे 1800 से 4600 तक की नेट सैलरी?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। हर वेतन आयोग न सिर्फ वेतन संरचना बदलता है, बल्कि कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति, जीवनशैली और भविष्य की योजनाओं पर भी गहरा असर डालता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद ग्रेड-पे 1800 से लेकर 4600 तक के कर्मचारियों की नेट सैलरी आखिर कितनी हो सकती है।

हालांकि सरकार की ओर से अभी तक 8वें वेतन आयोग को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन संभावित फिटमेंट फैक्टर और मौजूदा भत्तों के आधार पर एक अनुमान जरूर लगाया जा सकता है। इसी अनुमान के आधार पर यह समझने की कोशिश की जा रही है कि कर्मचारियों को वास्तविक रूप से कितनी राहत मिल सकती है।

फिटमेंट फैक्टर और भत्तों का असर

अनुमानित गणना में फिटमेंट फैक्टर 1.92 को आधार माना गया है। यह वही तत्व है जो पुराने बेसिक वेतन को नए वेतन ढांचे में बदलने की कुंजी होता है। इसके साथ यह भी मान लिया गया है कि नया वेतन आयोग लागू होते ही महंगाई भत्ता शून्य हो जाएगा, क्योंकि DA को बेसिक वेतन में मर्ज कर दिया जाता है। इसके अलावा, बड़े शहरों यानी X कैटेगरी शहरों के लिए 30 प्रतिशत HRA और उच्च श्रेणी का ट्रांसपोर्ट अलाउंस शामिल किया गया है। कटौती के रूप में NPS, CGHS और जहां लागू हो वहां आयकर को जोड़ा गया है।

निचले ग्रेड-पे वालों को कितनी राहत?

अगर ग्रेड-पे 1800 की बात करें, तो मौजूदा बेसिक वेतन 18 हजार रुपये से बढ़कर लगभग 34,500 रुपये के आसपास पहुंच सकता है। सभी भत्तों और कटौतियों के बाद ऐसे कर्मचारियों की नेट सैलरी करीब 42 से 43 हजार रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। यह मौजूदा वेतन की तुलना में एक बड़ा सुधार माना जाएगा।

ग्रेड-पे 1900 और 2000 पर कार्यरत कर्मचारियों की स्थिति भी काफी मजबूत होती दिख रही है। इन स्तरों पर नेट सैलरी 47 हजार से लेकर 53 हजार रुपये के बीच पहुंच सकती है। यह बढ़ोतरी खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए राहत भरी होगी, जो लंबे समय से महंगाई के दबाव को झेल रहे हैं।

मिड-लेवल कर्मचारियों की सैलरी

ग्रेड-पे 2400 और 2800 वाले कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग और भी फायदेमंद साबित हो सकता है। अनुमान के मुताबिक, इन स्तरों पर नेट सैलरी 62 हजार से बढ़कर 70 हजार रुपये से ऊपर तक जा सकती है। यह वर्ग वह है, जिस पर पारिवारिक जिम्मेदारियां सबसे ज्यादा होती हैं, ऐसे में यह बढ़ोतरी उनकी आर्थिक स्थिरता को मजबूत करेगी।

ग्रेड-पे 4200 और 4600 वालों की तस्वीर

उच्च ग्रेड-पे की बात करें तो ग्रेड-पे 4200 वाले कर्मचारियों की नेट सैलरी 84 हजार रुपये के आसपास पहुंच सकती है। वहीं ग्रेड-पे 4600, जो लेवल-7 में आता है, वहां स्थिति और भी बेहतर दिखाई देती है। सभी भत्तों और आयकर कटौती के बाद भी नेट सैलरी लगभग एक लाख रुपये प्रति माह के करीब पहुंचने का अनुमान है। यह बदलाव केवल वेतन वृद्धि नहीं होगा, बल्कि यह सरकारी नौकरी को फिर से निजी क्षेत्र के मुकाबले मजबूत स्थिति में खड़ा कर सकता है।

बिहार सरकार का बड़ा ऐलान, महिलाओं के लिए 4 नई खुशखबरी

पटना। बिहार में महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को सेल्फ-डिपेंडेंट और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए वित्तीय मदद देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। अब तक महिलाओं को 10-10 हजार रुपए दिए जा चुके थे, लेकिन अब सरकार ने 2 लाख रुपए तक की राशि एक बार में देने की तैयारी शुरू कर दी है।

पहले चरण में दी गई राशि और लाभार्थियों की संख्या

योजना के पहले चरण में ग्रामीण और शहरी इलाकों की करीब 1.56 करोड़ महिलाओं को 10 हजार रुपए की सहायता राशि दी जा चुकी है। इस राशि का उपयोग किस तरह हुआ, इसका आकलन भी किया जाएगा। ग्राम संगठन इस आकलन की जिम्मेदारी संभालेगा और रिपोर्ट ब्लॉक स्तर पर भेजेगा। इससे आगे की राशि जारी करने का निर्णय लिया जाएगा।

महिलाओं को दिए जाने वाले अगले फेज़ और राशि

योजना के तहत अब महिलाओं को पांच फेज़ में कुल 2 लाख रुपए तक की सहायता दी जाएगी। योजना का ढांचा इस प्रकार है:

दूसरा फेज: 20 हजार रुपए सरकार की ओर से, महिला को 5 हजार रुपए स्वयं जोड़कर रोजगार शुरू करना होगा।

तीसरा फेज: 40 हजार रुपए सरकार देगी, महिला को 10 हजार रुपए निवेश करना होगा।

चौथा फेज: 80 हजार रुपए सरकार की ओर से, महिला को 20 हजार रुपए अपनी ओर से लगाना होगा।

पांचवां फेज: व्यवसाय विस्तार के लिए मार्केटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग में 60 हजार रुपए दी जाएगी।

इस तरह एक महिला कुल मिलाकर 2 लाख रुपए तक की राशि एक साथ प्राप्त कर सकेगी।

व्यक्तिगत और समूह दोनों विकल्प

महिलाओं को राशि देने के लिए ग्रुप और व्यक्तिगत दो प्रकार के मानक तय किए गए हैं। अगर कई महिलाएं मिलकर व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं, तो समूह के हिसाब से राशि तय की जाएगी। उदाहरण के लिए, दूसरे फेज में 10 महिलाएं मिलकर रोजगार शुरू करती हैं, तो प्रति महिला 20 हजार रुपए के हिसाब से समूह को कुल दो लाख रुपए दिए जाएंगे।

वहीं, यदि कोई महिला व्यक्तिगत रूप से बड़ा व्यवसाय करना चाहती है और उसे दो लाख रुपए तक की राशि एक बार में चाहिए, तो उसका प्रस्ताव जिला से स्टेट लेवल तक भेजा जाएगा। इसके बाद जीविका के सीईओ की अध्यक्षता वाली स्टेट कमेटी समीक्षा करके राशि जारी करेगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को स्वावलंबी बनाना और स्वरोजगार बढ़ाना है। यह योजना न केवल उन्हें वित्तीय मदद देगी, बल्कि व्यवसाय शुरू करने, उसे बढ़ाने और मार्केट में स्थापित करने का अवसर भी प्रदान करेगी।

बिहार में 'जमीन मालिकों' को खुशखबरी, नियमों में बड़ा बदलाव

पटना। बिहार सरकार ने जमीन मालिकों, खासकर बुजुर्ग और असहाय नागरिकों के लिए बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। अब जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए उम्रदराज जमीन मालिकों को निबंधन कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार ने घर बैठे जमीन रजिस्ट्री की सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है, जिससे यह प्रक्रिया अब बोझ नहीं बल्कि सुविधा बनने जा रही है।

सरकार के इस फैसले के तहत 1 अप्रैल से ई-निबंधन पोर्टल में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे और नई व्यवस्था को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग मात्र 400 रुपये शुल्क देकर अपने घर से ही जमीन की रजिस्ट्री करा सकेंगे।

क्यों जरूरी था यह फैसला

अब तक जमीन रजिस्ट्री के लिए लोगों को निबंधन कार्यालय में खुद उपस्थित होना अनिवार्य था। बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों के लिए यह प्रक्रिया बेहद कठिन साबित होती थी। कई मामलों में समय पर अधिकारी उपलब्ध न होने या तकनीकी कारणों से रजिस्ट्री टल जाती थी, जिससे परेशानी और बढ़ जाती थी।

घर बैठे जमीन रजिस्ट्री

नई व्यवस्था के तहत ई-निबंधन पोर्टल के सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जा रहा है। पात्र व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन करेंगे। आवेदन स्वीकृत होने के बाद निबंधन कार्यालय से अधिकृत अधिकारी तय तारीख पर आवेदक के घर पहुंचेंगे। घर पर ही फोटो, बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच की जाएगी, जिसके बाद रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया पूरी होगी। इस सुविधा के लिए केवल 400 रुपये का नाममात्र शुल्क निर्धारित किया गया है।

किन लोगों को मिलेगा लाभ

यह सुविधा मुख्य रूप से 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए शुरू की जा रही है। इसके अलावा ऐसे नागरिक जो शारीरिक रूप से असमर्थ हैं या जिनके पास देखभाल करने वाला कोई परिजन नहीं है, वे भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। आंकड़ों के अनुसार बिहार में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों की संख्या लगभग 48 लाख से अधिक है। ऐसे में यह पहल लाखों परिवारों को सीधे तौर पर राहत देने वाली साबित होगी।

फरवरी तक पूरा होगा सिस्टम अपडेट

ई-निबंधन पोर्टल में आवश्यक तकनीकी सुधार का कार्य फरवरी माह तक पूरा कर लिया जाएगा, ताकि 1 अप्रैल से यह सुविधा बिना किसी बाधा के शुरू हो सके। सभी निबंधन कार्यालयों को इसके लिए जरूरी उपकरण और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

डिजिटल ईज ऑफ लिविंग की दिशा में कदम

सरकार का कहना है कि यह योजना ‘डिजिटल ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है। जमीन रजिस्ट्री जैसी जटिल प्रक्रिया को सरल बनाकर नागरिकों का समय, पैसा और मेहनत बचाने की कोशिश की जा रही है। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद दस्तावेज डिजिटल रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़ेगा।

आज सूर्य करेंगे बड़ा कमाल, 5 राशियों को मिलेगा जबरदस्त लाभ

राशिफल। आज सूर्य ग्रह की विशेष स्थिति कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आई है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार सूर्य का प्रभाव आज करियर, धन, मान-सम्मान और पारिवारिक जीवन पर साफ़ दिखाई देगा। खासतौर पर 5 राशियाँ ऐसी हैं, जिन पर सूर्य की विशेष कृपा रहेगी और उन्हें दिनभर सकारात्मक परिणाम मिलने के योग हैं। आइए जानते हैं कौन-सी हैं वे भाग्यशाली राशियाँ और उन्हें क्या लाभ मिल सकता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए आज का दिन सफलता से भरा रहेगा। सूर्य की मजबूत स्थिति के कारण कार्यक्षेत्र में आपके नेतृत्व कौशल की सराहना होगी। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, वहीं व्यापारियों के लिए नई डील फायदेमंद साबित हो सकती है। आर्थिक स्थिति में भी सुधार के संकेत हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और रुके हुए काम पूरे होंगे।

सिंह राशि

सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं, इसलिए आज का दिन इनके लिए विशेष रूप से शुभ रहेगा। मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। राजनीति, प्रशासन या सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। परिवार में आपका वर्चस्व बना रहेगा और किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। निवेश के लिए भी दिन अनुकूल है।

तुला राशि

तुला राशि वालों को आज सूर्य की कृपा से आर्थिक लाभ मिलने के योग हैं। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और वरिष्ठ अधिकारी आपसे प्रभावित रहेंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी और संबंध मजबूत होंगे।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज का दिन निर्णायक साबित हो सकता है। सूर्य के प्रभाव से साहस और निर्णय क्षमता में वृद्धि होगी। जो लोग नौकरी बदलने या नए कार्य की शुरुआत की सोच रहे हैं, उनके लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिलेगा। समाज में आपकी छवि मजबूत होगी।

मकर राशि

मकर राशि वालों को आज भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। सूर्य की स्थिति करियर में उन्नति के योग बना रही है। प्रमोशन या वेतन वृद्धि की खबर मिल सकती है। व्यापार में विस्तार के अवसर मिलेंगे। पारिवारिक जिम्मेदारियों को आप अच्छे से निभाएंगे और घर में खुशहाली बनी रहेगी।

चीन-भारत बने नए ड्राइवर अमेरिका छूटता जा रहा पीछे!

नई दिल्ली। दुनिया की आर्थिक तस्वीर तेज़ी से बदल रही है। दशकों तक वैश्विक अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला अमेरिका अब भी दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी है, लेकिन उसका दबदबा धीरे-धीरे कमजोर पड़ता दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के ताज़ा आंकड़े इस बदलाव की साफ कहानी कहते हैं, जहां ग्लोबल ग्रोथ का केंद्र अब एशिया की ओर खिसकता नजर आ रहा है।

आईएमएफ के अनुसार, ग्लोबल रियल जीडीपी ग्रोथ में चीन और भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है, जबकि अमेरिका की हिस्सेदारी सिमटती जा रही है। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, वैश्विक आर्थिक वृद्धि में चीन की हिस्सेदारी 26.6 फीसदी और भारत की 17 फीसदी तक पहुंच चुकी है। इसके मुकाबले अमेरिका की हिस्सेदारी महज 9.9 फीसदी रह गई है। साफ है कि भारत की हिस्सेदारी अमेरिका से लगभग दोगुनी और चीन की करीब तीन गुना है।

एशिया बना ग्लोबल ग्रोथ का इंजन

ग्लोबल ग्रोथ में चीन और भारत की संयुक्त हिस्सेदारी अब 43.6 फीसदी तक पहुंच चुकी है। यही नहीं, पूरे एशिया-पैसिफिक क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी हो गई है, जो यह दर्शाती है कि वैश्विक विकास की गाड़ी अब एशिया खींच रहा है।

ग्लोबल रियल जीडीपी में योगदान देने वाले देशों की सूची में इंडोनेशिया 3.8 फीसदी के साथ चौथे स्थान पर है, जबकि तुर्की 2.2 फीसदी के साथ पांचवें नंबर पर है। इसके अलावा नाइजीरिया (1.5 फीसदी), ब्राजील (1.5 फीसदी), वियतनाम (1.6 फीसदी), सऊदी अरब (1.7 फीसदी) और जर्मनी (0.9 फीसदी) भी इस सूची में शामिल हैं। यह दर्शाता है कि उभरती अर्थव्यवस्थाएं अब वैश्विक विकास में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।

नॉमिनल जीडीपी में अब भी अमेरिका सबसे आगे

हालांकि तस्वीर का दूसरा पहलू यह भी है कि नॉमिनल जीडीपी के आधार पर अमेरिका अब भी बेजोड़ है। अमेरिका की कुल नॉमिनल जीडीपी 31.82 ट्रिलियन डॉलर है, जो किसी भी देश से काफी आगे है। इस सूची में चीन 20.65 ट्रिलियन डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर है।

जर्मनी (5.33 ट्रिलियन डॉलर) तीसरे, भारत (4.51 ट्रिलियन डॉलर) चौथे और जापान (4.46 ट्रिलियन डॉलर) पांचवें स्थान पर हैं। वहीं ब्राजील 11वें, तुर्की 16वें, इंडोनेशिया 17वें, सऊदी अरब 19वें, वियतनाम 34वें और नाइजीरिया 52वें स्थान पर है।

यूपी में इन कर्मचारियों पर गिरेगी गाज, रुक जाएगा वेतन?

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में राज्यकर्मियों की लापरवाही अब उन पर भारी पड़ती नजर आ रही है। सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद 68 हजार से अधिक राज्यकर्मियों ने अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण तय समय सीमा तक अपलोड नहीं किया, जिसके चलते अब उनका जनवरी माह का वेतन रुक सकता है।

योगी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है और इसी के तहत राज्यकर्मियों की संपत्ति की पारदर्शी जानकारी जुटाने को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने पहले ही सभी विभागाध्यक्षों, कार्यालय प्रमुखों और अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि 31 जनवरी तक मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति का विवरण अनिवार्य रूप से अपलोड कराया जाए।

नियमों के तहत अनिवार्य था संपत्ति का खुलासा

उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम-24 के अनुसार प्रदेश के कुल 8.66 लाख से अधिक राज्यकर्मियों को वर्ष 2025 तक की अपनी चल और अचल संपत्तियों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज करना जरूरी था। इसके लिए विभागीय नोडल अधिकारियों और आहरण-वितरण अधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि जो कर्मचारी विवरण न दें, उनका वेतन रोका जाए। सरकार की सख्ती के बावजूद शनिवार रात तक 68,236 राज्यकर्मी इस निर्देश का पालन नहीं कर सके, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी सबसे आगे

संपत्ति का ब्योरा न देने वालों में सबसे ज्यादा संख्या तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की है। आंकड़ों के अनुसार 34,926 तृतीय श्रेणी, 22,624 चतुर्थ श्रेणी, 7,204 द्वितीय श्रेणी और 2,628 प्रथम श्रेणी के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा अन्य श्रेणी के 1,612 कर्मचारियों में से 854 ने भी संपत्ति की जानकारी नहीं दी है। इन सभी पर वेतन रोकने की कार्रवाई की जा सकती है।

आगे और सख्ती के संकेत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार सिर्फ वेतन रोकने तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि अनुशासनात्मक कार्रवाई जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। प्रशासन का मानना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में कड़ा संदेश देना जरूरी है।

आज की 4 बड़ी खुशखबरी: बिहार में 12वीं पास के लिए बंपर भर्ती

पटना। बिहार के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए राज्य से जुड़ी एजेंसियों ने चार बड़ी भर्तियों का ऐलान किया है। पुलिस, होमगार्ड, आयोग और स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड के जरिए हजारों पदों पर भर्ती निकली है, जिससे रोजगार के नए अवसर खुल गए हैं।

1. बिहार पुलिस में हवलदार क्लर्क भर्ती

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने हवलदार क्लर्क भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत बिहार होमगार्ड में कुल 64 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इस पद के लिए 10+2 (इंटरमीडिएट) पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 02 जनवरी 2026 से 02 फरवरी 2026 तक चलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती उन युवाओं के लिए सुनहरा मौका है जो पुलिस विभाग में काम करने का सपना देखते हैं।

2. बीपीएससी में स्टेनोग्राफर भर्ती

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 15 स्टेनोग्राफर पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। खास बात यह है कि इस भर्ती में 12वीं पास उम्मीदवार भी पात्र हैं। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन रखी गई है। आवेदन की शुरुआत 12 जनवरी 2026 से हो चुकी है और अंतिम तिथि 02 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं।

3. कांस्टेबल भर्ती का मौका

केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) यानी CSBC ने 83 कांस्टेबल पदों पर भर्ती का ऐलान किया है। इस भर्ती के लिए भी 12वीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 06 फरवरी 2026 से शुरू होगी और 05 मार्च 2026 तक चलेगी। पुलिस सेवा में जाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह एक और शानदार अवसर है।

4. इंटर लेवल की बड़ी भर्ती

बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) ने इंटर लेवल की 24,492 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। यह भर्ती 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए अब तक की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक मानी जा रही है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 27 नवंबर से शुरू होकर 16 फरवरी 2026 तक चलेगी। विभिन्न विभागों में इन पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।